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जिंदगी को हां और ड्रग्स (मौत) को ना कहें : मेरी एडलीन

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत राजकीय +2 उच्च विद्यालय कुमारबाग में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी एवं सेवन के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। विद्यालय की सहायक शिक्षिका मेरी एडलीन के अनुसार भारत सरकार ने नशा मुक्त भारत के निर्माण लिए 12 जून से 26 जून 2022 तक अखिल भारतीय स्तर पर नशा (ड्रग्स) से आजादी पखवाड़ा का संचालन का प्रस्ताव दिया है। इसी क्रम में राजकीय +2 उच्च विद्यालय में ‘ड्रग्स (मौत) को ना कहे, जिंदगी को हां कहे’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने क्रमवार नशीली दवाओं के दुरुपयोग से होने वाली बीमारियों और परेशानियों पर विचार व्यक्त किया। मेरी एडलीन ने विद्यार्थियों को बताया कि ड्रग्स क्या है? ड्रग्स के सेवन से क्या परेशानी होती है ?
सुश्री एडलिन ने कहा कि ड्रग्स, नशा के कारण बहुत सारे युवाओं का जीवन न सिर्फ नरक बन जाता है, बल्कि उनके कारण परिवार, माता – पिता, अभिभावकों को कई परेशानियों, समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ड्रग्स एडिक्ट व्यक्ति ड्रग्स की लत के कारण समाज में प्रतिदिन कई प्रकार के अपराध को अंजाम देते है। यहाँ तक कि ड्रग्स नहीं मिलने के कारण वे पागलों जैसी हरकतें भी करते हैं, जिससे दूसरे व्यक्तियों की कौन कहे स्वयं को क्षति पहुँचाते है। ऐसे में सभी व्यक्ति को ड्रग्स, नशापान से होने वाली परेशानियों के प्रति स्वयं जागरूक होना चाहिए, अन्य लोगों को इसके दुष्परिणाम के प्रति जागृति करना चाहिए, जिससे लोग ड्रग्स को ना कहे और जीवन को हां कहें। शिक्षक राजकिशोर पांडेय ने बच्चों को नशापान के होने वाली बीमारियों के बारे में बताया और कहा कि नशापान करने वाले अधिकांश लोगों को मुंह, जबड़े का कैंसर होता है, फेफड़े संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी छात्र जागरुक और सावधान रहें। इस अवसर पर सभी शिक्षक-शिक्षिका और विद्यार्थियों ने ड्रग्स का सेवन न करने और लोगों को जागरुक करने का सामूहिक शपथ लिया।

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