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अररिया जिले के नरपतगंज और फारबिसगंज में होटल, ढाबों व ठेलों पर खुलेआम किया जा रहा है घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग, होटल मालिक मजे में, उपभोक्ता परेशान…..

अररिया: बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज और फारबिसगंज इलाके में घरेलू गैस की कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है। नियमों को ताक पर रखकर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकनों और ठेले खेमचों पर घरेलू सिलिडर से काम चल रहा है। इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा इस पर रोक लगाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है।

खासबात यह है कि नरपतगंज और फारबीसगंज इलाके में जितने भी होटल, रेस्टोरेंट, चाट दुकान और चाय दुकान है उनके द्वारा खुलेआम सिलेंडरोंं का उपयोग किया जा रहा है लेकिन खाद्य विभाग सहित स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के हौंसले बुलंद बने हुए हैं और इन्हें जरा भी नियमों की परवाह नहीं है और न ही प्रशासन का खौफ। विभागीय उदासीनता के कारण होटल व रेस्टोरेंट मालिक व्यवसायिक सिलेंडरों का उपयोग करना ही भूल गए हैं और धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं। अगर खाद्य विभाग और प्रशासन से डर की बात की जाए तो अररिया जिले के नरपतगंज और फारबिसगंज में होटल चलाने वाले, ठेला पर चाय दुकान और चाट दुकान चलाने वाले लोगो को प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों से बिल्कुल खौफ नहीं है इसलिए रोड पर घरेलू गैस रखकर खुलेआम अपनी दुकान चला रहे है। आलम यह है कि होटल, चाय दुकान, चाट दुकान के साथ शादी समारोह में भी व्यावसायिक गैस सिलेंडर के स्थान पर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है। जबकि खाद्य विभाग ने सभी मांगलिक भवन व रिसोर्ट संचालकों को घरेलू गैस का उपयोग नहीं करने की हिदायत दे रखी है। बावजूद इसके घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग बेरोकटोक जारी है।

होटलों में घरेलू गैस का उपयोग होने से जहां होटल मालिक मजे में है दूसरी ओर उपभोक्ता परेशान हैं। होटलों में घरेलू गैस का उपयोग होने के कारण गैस की कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हैं, होटलों में गैस का उपयोग ज्यादा होने के कारण आम उपभोक्ताओं को गैस की सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है। गैस सिलेंडरो को लेने के लिए उन्हें बार-बार भटकना पड़ता है वहीं होटल संचालकों को आसानी से ब्लैक में सिलेंडर मिल जाता है। नगर में ऐसे कई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले लोग हैं जो घरेलू गैस को ब्लैक में बेच रहे है घरेलू गैस का उपयोग होटलों में होने के कारण गैस सिलेंडर की मांग बढ़ रही है जिस कारण आम उपभोक्ताओं को गैस समय पर नहीं मिल पा रही है।

अररिया जिले के नरपतगंज और फारबिसगंज इलाके में रसोई गैस के दो या तीन एजेंसियों का संचालन किया जा रहा है। इन्हीं एजेंसियों के जरिए व्यवसाय करने वाले लोग घरेलू गैस का प्राप्त करते हैं। सभी को पता है कि व्यावसायिक गैस सिलिंडर का कीमत 2251 सौ रुपये है लेकिन घर में प्रयोग किए जानेवाले घरेलू गैस सिलिंडर कि किमत 1151 रुपये है। व्यवसायिक गैस की जगह घरेलू गैस का उपयोग करने वाले दुकानदारों पर पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी की नजर पड़ती लेकिन इंलोगो पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। कही न कही ऐसा लगता है कि नरपतगंज और फारबिसगंज इलाके में रसोई गैस की कालाबाजारी व रिफिलिंग का अवैध कारोबार एजेंसी प्रबंधकों व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।

गौरतलब है कि गैस प्राधिकरण अधिनियम में साफ लिखा है कि होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक वस्तुओं के निर्माण में यहां तक कि समरोह आदि में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होना चाहिए। यदि कोई इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। लेकिन अफसरों की नजरअंदाजी से केवल नरपतगंज और फारबिसगंज ही नहीं जिले भर में सभी व्यावसायिक संस्थानों पर घरेलु गैस सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा है। घरेलु गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल के धड़ल्ले से चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण कमर्शियल सिलेंडर की खपत नहीं हो पा रही और गैस एजेंसी वाले टारगेट पूरा करने के चक्कर में कम दाम में बेचने को मजबूर हैं।

घरेलू गैस के उपभोगताओं द्वारा कई बार खाद्य विभाग के अधिकारियों और प्रशासन के पास शिकयत दर्ज करवाई गई है लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी बार बार यही जवाब देते है कि “मुझे ऐसी शिकायत नहीं मिली है, अगर ऐसा होगा तो हम करवाई जरूर करेंगे” लेकिन अभी तक होटल, चाय दुकान, चाट दुकान चलाने वाले लोगो पर कोई करवाई नही की गई है।

अररिया जिले में कई वर्षों से घरेलू गैस की कालाबाजारी का धंधा फल-फूल रहा है। बावजूद इसके खाद्य विभाग की कार्रवाई नगण्य है।

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