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नारी सशक्तिकरण की प्रतीक बनेगी राष्ट्पति द्रोपदी मूर्मू – दादी रतनमोहिनी

आबू रोड (राजस्थान) देश की पहली आदिवासी राष्ट्पति द्रोपदी मूर्मू की जीत से ब्रह्माकुमारीज संस्थान में खुशी का माहौल हैं। उनकी जीत पर संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने बधाई दी है। दादी ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि एक ऐसी व्यक्तित्व देश की राष्ट्पति बनने जा रही है। जिसकी आध्यात्मिक जीवनशैली, सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ व्यक्तित्व है। वो देश के नागरिकों को प्रेरित तो करेगी ही साथ ही देश में महिला सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगी। मैं उनकी जीत पर संस्थान के समस्त भाई-बहनों की ओर से शुभकामनाएं और बधाई देती हूॅ। द्रोपदी मूर्मू उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी जो जीवन में कुछ करना चाहती हैं।
उनके आवास पर जाकर ब्रह्माकुमारीज संस्थान ओआरसी की निदेशिका बीके आशा, ब्रह्माकुमारीज संस्थान उड़ीसा के मीडिया कोआर्डिनेटर बीके नाथमल, दिल्ली वसन्त नगर सेवाकेन्द्र प्रभारी बीके खीरा, बीके लीना तथा बीके विकास समेत कई लोगों ने उन्हें फूल और गुलदस्ता भेंटकर तथा तिलक लगाकर बधाई दी तथा माउण्ट आबू आने का निमंत्रण दिया।
गौरतलब है कि द्रोपदी मूर्मू ब्रह्माकुमारीज संस्थान से सन् 2009 से ही संस्थान से जुड़ी हुई है। उनका जीवन दुखों और कठिनाईयों से भरा रहा है। जब उनके पहले बेटे की मौत हुई थी तब से काफी डिप्रेसन में थी। तब वे संस्थान के सम्पर्क में आयी और तबसे लेकर आज तक वे संस्थान में सिखाये जाने वाले राजयोग का अभ्यास करती है। इसके साथ ही वे संस्थान में अधिकतर आती रही है। राज्यपाल बनने के बाद भी वे 31 जनवरी, 2020 को आबू आयी थी। आज भी वे जहॉं भी रहती है वे राजयोग ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान को अपने जीवन जरुर शामिल करती है।

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