ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पुणे की डरावनी जगहों में से एक है शनिवार वाड़ा

देश भर में पुणें अपनी खूबसूरती के लिए फेमस है। चौड़ी सड़के, खूबसूरत वातावरण और सुहावना मौसम लोगों को खूब पसंद आता है। यहां पर स्थित शनिवार वाडा भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस जगह पर फिल्म बाजीराव मस्तानी की शूटिंग हुई थी। आज भले ही ये आलीशान फोर्ट पर्यटक स्थल बन गया है, लेकिन आज भी इस जगह को डरावना माना जाता है।

भारत और पुणे के इतिहास में शनिवार वाड़ा काफी फेमस है। 625 एकड़ में बने इस फोर्ट को बाजीराव द्वारा बनवाया गया था। यहां पर वह और उनकी पत्नी काशीबाई रहती थीं। अब इसकी एंट्री पर ही बाजीराव का एक बड़ा सा स्टेचू लगा हुआ है। पेशवाओं के भारत के सर्वश्रेष्ठ घुड़सवार सेनापति ‘बाजी राव प्रथम’ हमेशा एक ऐसा निवास चाहते थे जो उनकी महत्वाकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करे और पेशवाओं के लिए एक ठोस रक्षा स्थल भी हो, इसलिए 30 जनवरी, 1730 शनिवार को किले के निर्माण की औपचारिक नींव रखी गई थी।

शनिवार वाड़ा भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित पुणे में सबसे डरावनी जगहों में से एक है। पुणे में शनिवार वाड़ा किले की दीवारें एक छोटे लड़के, राजकुमार नारायणराव की दर्दनाक कहानी छिपाती हैं, जिसे सुमेर सिंह गार्डी ने मार डाला था। कहा जाता है कि हर अमावस्या की रात को यह किला भूतिया जगह बन जाता है। लोग अक्सर किले से ‘काका माला वाचवा’ (चाचा मुझे बचाओ) की आवाज सुनते हैं, जहां राजकुमार नारायणराव की आत्मा हर अमावस्या की रात उसे बचाने के लिए रोता है। नारायण राव बालाजी बाजी राव के सबसे छोटे पुत्र थे। बालाजी बाजी राव पेशवा बाजीराव के पुत्र थे। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि फोर्ट में आग लगने की वजह से कई लोगों की मृत्यू हो गई थी। ऐसे में जिन लोगों की जान गई थी उनकी आत्मा आज भी इस जगह पर भटकती है।

शनिवार वाडा स्थानीय लोगों के लिए एक पर्यटक आकर्षण और एक पिकनिक स्पॉट बन गया है। किले के कुछ हिस्सों का रखरखाव अच्छी तरह से नहीं किया गया है। शनिवारवाड़ा पुणे की शान है। पर्यटक किसी भी चीज को देखने से पहले इस स्मारक को देखने आते हैं। भले ही आज डरावनी कहानियां शनिवार वाड़ा को घेरती हैं, लेकिन इसका मराठों का समृद्ध इतिहास है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.