बदलती जीवनशैली बना रही लोगों को अर्थराइटिस का शिकार
फरीदाबाद। ऑर्थोपेडियक कैंप में मरीज की जांच करते डॉ. युवराज कुमार।विश्व सीनियर सिटीजन डे पर मेगा ऑर्थोपेडियक कैंप लगाया गया। इसमें 250 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल में विश्व सीनियर सिटीजन डे पर मेगा ऑर्थोपेडियक कैंप लगाया गया। इसमें 250 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर में अस्पताल के ऑर्थोपेडियक डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. युवराज कुमार ने कहा कि बदलती जीवनशैली व गलत खानपान अर्थराइटिस की बीमारी को बढ़ावा दे रहा है।उन्होंने कहा बुजुर्गों के साथ आज युवा भी इस बीमारी का तेजी से शिकार हो रहे हैं। लोग जंकफूड, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स आदि का शौक से सेवन करते हैं। इससे लोग न सिर्फ मोटापे का शिकार हो रहे हैं बल्कि वे गठिया या अर्थराइटिस जैसी पीड़ादायक बीमारी की चपेट में भी आ रहे हैं। डॉ. युवराज कुमार ने कहाकि अर्थराइटिस की समस्या से जूझ रहा व्यक्ति कभी कभी असहनीय दर्द का सामना करता है। व्यक्ति इतना कमज़ोर होने लगता है कि वह दो कदम चलने पर भी थकान महसूस करता है। इसी के साथ उसे चलने-फिरने तथा बैठने में काफी दिक्कत होती है। इस दौरान उसे जोड़ों में दर्द की समस्या भी हो सकती है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति काफी कमजोर हो जाता है तथा उसका इलाज कराना जरूरी होता है। शिविर में डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि गठिया रोग आज लोगों में तेजी से फैल रहा है। अर्थराइटिस से पीड़ित लोगों के शरीर में तेज दर्द होता है। शिविर में पहुंचे अधिकांश लोगों में घुटनों और कूल्हे की हड्डियों में जकड़न देखने को मिली। कई लोगों को हाथ-पैर हिलाते समय दिक्कत हो रही थी। इस दौरान लोगों की बीपी, शुगर, थायराइड सहित अनेक जांच मुफ्त की गई। शिविर में डॉ. अरुणेश कुमार, डॉ. निखिल सचदेवा, डॉ. नमन गोयल भी मौजूद थे।बीमारी के लक्षण: जोड़ों में दर्द होना, सीढ़ी चढ़ने व उतरने में दर्द होना, सोते समय नींद खुल जाना और दवाई की जरूरत महसूस होना।
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