ठाणे में हत्या के प्रयास के आरोपी को अदालत लेकर पहुंची पुलिस, गुर्गों ने केक से किया स्वागत और मनाया बर्थडे
ठाणे: घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले की जांच शुरू हो गई है।ठाणे के कल्याण के उल्हासनगर में एक अंडर ट्रायल हत्या के प्रयास के आरोपी का वीडियो स्थानीय पुलिस की परेशानी बढ़ा सकता है। वीडियो में पेशी पर जाने के दौरान आरोपी पुलिस वैन में बैठ केक काटता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद आलाधिकारियों ने मामले की जांच का आदेश देते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।म्हारल गांव के रहने वाले कुख्यात अपराधी और 307(हत्या के प्रयास) के आरोपी रोशन झा को शनिवार को टिटवाला ग्रामीण पुलिस की हद में हुए हत्या के प्रयास (307) के मामले में आधरवाडी जेल से कल्याण कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। पुलिस वैन जैसे ही अदालत परिसर में दाखिल हुई, पहले से वहां मौजूद झा के कई सहयोगी हाथ में केक लेकर पहुंचे और खिड़की के पास बैठे झा से केक काटने को कहा। इसके बाद रौशन ने आराम से केक काटा और उसके गुर्गे बाहर खड़े होकर उसे हैप्पी बर्थडे विश करते रहे। गुर्गों में केक “भाई का बर्थ-डे है ना” की धुन भी फोन पर बजाई।गुर्गों ने आरोपी संग तस्वीरें भी खिंचवाई है।रोशन पर दर्ज है कई गंभीर मामलेइनमें से एक ने यह पूरी घटना अपने फोन पर कैप्चर की और उसे सोशल मीडिया में अपलोड कर दिया। जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया और बड़े अधिकारियों ने जांच का आदेश दे दिया। जानकारी के मुताबिक, उल्हासनगर और आसपास में रोशन झा के नाम की काफी दहशत है। उसके उपर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धमकी और मारपीट कई मामले दर्ज हैं।दोस्तों ने भी आरोपी संग फोटो खिंचवाएवीडियो में दिख रहा है कि रोशन पुलिस वैन के अंदर था और उसके तीन-चार दोस्त केक लेकर आए और रोशन ने पुलिस वैन की खिड़की से लकड़ी के चाकू से केक काटा। पुलिस वैन के अंदर कई पुलिस कांस्टेबल और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और उसे जन्मदिन मनाने और दोस्तों के साथ फोटो खिंचवाने दिए।चार साल से जेल में बंद है आरोपीकल्याण अधरवाड़ी के जेल अधीक्षक ए सदफुले ने कहा, ‘आरोपी हत्या के एक मामले में पिछले चार साल से हमारी जेल में है। हम सुनवाई के लिए अदालत से आरोपी को भेजने के लिए सभी आदेशों और प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। यह पूरी तरह से हमारे अधिकारियों का नाम खराब करने का विचार है। कल्याण ग्रामीण पुलिस स्टेशन से एस्कॉर्ट पुलिस टीम को बुलाया गया था और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी उनकी थी।
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