कोर्ट ने फरार इनामी आरोपियों की संपत्ति कुर्की के आदेश दिए, आरोपियों की धार में करोड़ों की जमीन
धार: जनकल्याण हितार्थ दान में दी गई भूमि की अफरा-तफरी मामले में फरार आरोपी सुधीर जैन और उनकी पत्नी आयुषी जैन की संपत्ति कुर्क करने के आदेश कोर्ट ने जारी कर दिए है। जिला न्यायालय की कोर्ट ने पुलिस द्वारा धारा 83 के तहत संपत्ति कुर्की के लिए लगाए गए आवेदन की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है। न्यायालय ने आदेश जारी करने के साथ 10 सितंबर की अगली तिथि कार्रवाई की सुनवाई हेतु दी है। कोर्ट को अगली तारीख पर कुर्की के मामले में की कार्रवाई से अवगत कराना होगा।शहर में 11 संपत्तियां है दर्जधार पुलिस को कोर्ट का आदेश मिलने से बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने 28 नवंबर 2021 को प्रकरण दर्ज होने के बाद से करीब 10 महीने में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई तरह के प्रयास किए है। उन पर करीब 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। इसके बावजूद आरोपी पुलिस को सहयोग करने की बजाय भूमिगत हो गए हैं। जिसके बाद पुलिस ने संपत्ति की जानकारी जुटाकर कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन किया था। शहर में जैन दंपत्ति के नाम से करीब 11 संपत्तियां दर्ज है। जिसमें मकान और भूमि दोनों शामिल है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में कलेक्टर कार्रवाई करेंगे। संभवत: एक-दो दिन में कुर्की वारंट जारी हो जाएंगे।दो फरार, बाकी जमानत परसेंट टेरेसा भूमि के नाम से चर्चित भूमि घोटाले में पुलिस ने करीब 30 के लगभग लोगों को आरोपी बनाया है। चार मुख्य आरोपी में सुधीर जैन का नाम शामिल है। इस मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जमानत पर रिहा होकर बाहर आ चुके है। सुधीर जैन और उनकी पत्नी आयुषी जैन फरार चल रहे है। इनके अलावा फरार जैन के ड्रायवर सन्नी जाधव जमानत शर्तों का उल्लंघन करके फिलहाल गायब है। फरार आरोपी सुधीर जैन के नाम पर काशीबाग कॉलोनी में 2 मकान, बख्तावर मार्ग पर 4, शांतिकुंज कॉलोनी में 1, त्रिमूर्ति नगर में 2, सिल्वरहिल में 1 और जवाहर मार्ग पर 1 संपत्ति दर्ज है। इन संपत्तियों में पत्नी और भाई का नाम भी शामिल है। हालांकि यह लोग भी जमीन घोटाले में आरोपी है।भोला तिवारी की जमानत सुनवाई टलीकॉलोनी के नगर पालिका में बंधक प्लाटों को विक्रय करने के मामले में जेल में बंद भोला तिवारी की जमानत आवेदन पर सुनवाई टल गई है। उच्च न्यायालय में जमानत याचिका लगाई गई है। इसके पूर्व भी आरोपी भोला तिवारी द्वारा याचिका लगाई गई थी। जिसे उन्होंने अंतिम समय में नॉट प्रेस कर लिया था। इस मामले में तिवारी पिछले कई महीनों से जेल में बंद है।
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