ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

2 घंटे बंद रखा; DEO के आश्वासन पर खोला; बोले- पढ़ाई खराब हो रही, पेपर देने हैं

रोहतक: गांव मायना में स्कूल पर ताला लगाकर प्रदर्शन करते विद्यार्थी व ग्रामीणहरियाणा के रोहतक जिले के गांव मायना स्थित स्कूल में टीचरों की कमी के चलते ग्रामीण व विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। टीचरों की संख्या पूरी करने की मांग को लेकर सुबह स्कूल में ताला लगा दिया। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।बता दें कि मंगलवार को भी ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने टीचरों की कमी के मुद्दे पर विरोध जताया था। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक दो घंटे स्कूल बंद रहा, जिसकी सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी खुद गांव मायना में पहुंचे, जहां पर DEO ने जल्द ही टीचरों की कमी को दूर करने का आश्वासन दिया।इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला। वहीं ताला खुलने के बाद स्कूल सुचारू रूप से लग पाया। सरपंच दिनेश कुमार, पवन, जयदीप, नरेंद्र व राजेश ने मायना स्कूल में टीचरों की कमी को लेकर विरोध जताया। स्कूल में कक्षा पहली से 12वीं तक गांव के करीब 250 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जबकि स्कूल में 5 टीचरों (हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व कंप्यूटर) की कमी है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए ग्रामीण विरोध करने को मजबूर हुए हैं। अधिकारियों से भी टीचरों की कमी दूर करने के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कमी को दूर नहीं किया गया। साथ ही चेतावनी दी कि प्रशासन व सरकार जल्द से जल्द टीचरों की कमी को दूर करे, नहीं तो वे कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.