आरोपी खुद बोल रहे थे- हम खालिस्तानी हैं; रिंदा और रोडे पर शक; हिरासत में 4 संदिग्ध
अमृतसर: पंजाब के तरनतारन में गांव ठक्करपुरा में चर्च में तोड़फोड़ और आगजनी करने के पीछे आतंकी संगठनों का हाथ हो सकता है। पुलिस चाहे अभी इस बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कह रही, लेकिन उनकी जांच को देखते हुए इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता। शुरुआती जांच में पाया गया है कि चर्च पर हमला करने वाले चारों आरोपी खुद को खालिस्तानी बता रहे थे।फादर थॉमस पूचलिल की तरफ से दिए गए बयान के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात को बंदूक की नोक पर 4 अज्ञात नकाबपोशों द्वारा सबसे पहले सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाया गया। मदर मेरी और भगवान यीशू की मूर्ति को तोड़ा गया और कार को आग लगा दी गई। चारों आरोपी खुद को खालिस्तानी बता रहे थे। वे बार-बार बोल रहे थे कि वे खालिस्तानी हैं।पाकिस्तान में बैठे आतंकियों पर शकबीते कुछ समय से पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) का सदस्य लखबीर सिंह रोडे पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिशों में जुटे हैं। बॉर्डर पर की गई सख्ताई और लगातार प्लान विफल होने के बाद से ही दोनों आरोपी पंजाब का माहौल खराब करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। पुलिस को शक है कि इस घटना के पीछे भी आतंकियों का ही हाथ हो सकता है, ताकि माहौल खराब किया जा सके। इस पुलिस घटना का आतंकी कनेक्शन भी खंगाल रही है।4 संदिग्ध हिरासत में लिए गएपुलिस इस मामले की जांच हर एंगल से कर रही है। CCTV खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की मूवमेंट पता चल सके।मोबाइल टावरों का डाटा भी खंगाला जा रहा है। रात का समय होने के कारण बहुत कम मोबाइल प्रयोग में रहे हैं, इसलिए पुलिस शॉर्टलिस्ट किए गए मोबाइलों की मूवमेंट व डाटा जांच रही है। शुरुआती जांच के आधार पर 4 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच शुरुआती दौर में है, इसलिए अभी वे इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं कह सकते।
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