पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगी मदद
पाकिस्तान ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता की अपील की है। साथ ही आशा जताई कि इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन करने का संकल्प बना रहेगा, पाकिस्तान इस बाढ़ के प्रभाव से निबटने के लिए संघर्ष कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तरी पहाड़ों में रिकॉर्ड मानसून की बारिश और ग्लेशियरों के पिघलने से आई बाढ़ में 57 लोग हताहत हुए हैं। 14 जून से अब तक 1,265 लोग मारे गए हैं। घायलों की संख्या 12,577 पहुंच गई है।
शनिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया है कि आपदा के समय तत्काल सहायता दी जाए। पाकिस्तान सरकार ने विनाशकारी बाढ़ को लेकर एक नोडल आपदा एजेंसी राष्ट्रीय बाढ़ प्रतिक्रिया समन्वय केंद्र की स्थापना की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में 5,00,000 से अधिक लोग बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और पंजाब प्रांतों में राहत शिविरों में रह रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को 30 साल के औसत की तुलना में 500 प्रतिशत अधिक बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा है। इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान जिस आपदा का सामना कर रहा है, उसकी तुलना अमेरिका में तूफान कैटरीना से हुई तबाही से की जा सकती है, जिसने दुनिया की महाशक्ति को असहाय बना दिया था।
पाकिस्तान में सब्जियों और खाद्य उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच ईरान और अफगानिस्तान से 50 ट्रक ताप्तान और चमन सीमाओं से देश में पहुंच गए हैं। डॉन अखबार के मुताबिक, आगामी दिनों में प्याज और टमाटर की एक और खेप यहां पहुंचेगी। सरकार ने इस सब्जियों से 90 दिन के लिए शुल्क भी हटा दिया है।
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