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साइंस, छत्तीसगढ़, डिग्री गर्ल्स कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पहली बार हो रही सेमेस्टर सिस्टम से

रायपुर: ऑटोनोमस कॉलेजों में 4 वर्षीय यूजी कोर्स की पढ़ाई शुरू, तीन साल में मिलेगी डिग्रीराजधानी के तीन बड़े और प्रमुख कॉलेज साइंस, छत्तीसगढ़, डिग्री गर्ल्स में पहली बार ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से होगी। नई शिक्षा नीति के तहत ग्रेजुएशन में बदलाव किए गए हैं। इस वजह से इन कॉलेजों में नया सिस्टम तैयार किया गया है। इसके लिए कोर्स भी तैयार है।शासन से मजबूत संकेत मिलने के बाद कॉलेजों में सेमेस्टर के आधार पर कक्षाएं भी शुरू कर दी गई हैं। दरअसल राज्यभर के ऑटोनोमस कॉलेजों में इसी सत्र से चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स की पढ़ाई शुरू की गई है। इसमें तीन साल की पढ़ाई के बाद छात्रों को ग्रेजुएशन की डिग्री मिलेगी और इस डिग्री के बाद एक साल तक वे नए विषय पर रिसर्च कर सकेंगे। इतना ही नहीं इस कोर्स में एक साल की पढ़ाई करने के बाद कोई छात्र किसी वजह से फर्स्ट ईयर की पढ़ाई छोड़ देता है तब भी उसे सर्टिफिकेट मिलेगा।इस साल 8 ऑटोनोमस कॉलेजों से हो रही शुरुआतराज्यभर में ग्रेजुएशन में नया कोर्स पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इसकी शुरुआत राज्य के आठ ऑटोनोमस यानी स्वशासी कॉलेजों से हो रही है। इनमें शासकीय नागार्जून स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय (डिग्री गर्ल्स कॉलेज), शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय (छत्तीसगढ़ कॉलेज), शासकीय विश्वनाथ तामस्कर कला/ विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग, शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय ई राघवेंद्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय बिलासपुर, शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर और शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर शामिल हैं। कुछ साल पहले तक राज्य में 11 ऑटोनोमस कॉलेज थे। लेकिन तीन कॉलेजों के पास से ऑटोनोमस का दर्जा हट गया है।कॉलेजों में कोर्स छह-छह महीने के अंतराल में बंटेगाराज्य के ऑटोनोमस कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई इस बार से सेमेस्टर सिस्टम से होने की वजह से कोर्स छह-छह महीने के अंतराल में बंटेगा। यानी चार साल के कोर्स में 8 परीक्षाएं होंगी। हर परीक्षा छह महीने के अंतराल में होगी।राज्य में अभी दो कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई ऑटोनोमस से है। यह दोनों कॉलेज बिलासपुर में हैं। इन्हें छोड़कर उच्च शिक्षा से जुड़े सभी कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे कोर्स की पढ़ाई एनुअल पैटर्न में ही हो रही है। अब छह और ऑटोनोमस कॉलेज में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले साल में राज्य में अन्य कॉलेजों में ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई सेमेस्टर से ही होगी।कॉलेजों में कोर्स छह-छह महीने के अंतराल में बंटेगाराज्य के ऑटोनोमस कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई इस बार से सेमेस्टर सिस्टम से होने की वजह से कोर्स छह-छह महीने के अंतराल में बंटेगा। यानी चार साल के कोर्स में 8 परीक्षाएं होंगी। हर परीक्षा छह महीने के अंतराल में होगी।राज्य में अभी दो कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई ऑटोनोमस से है। यह दोनों कॉलेज बिलासपुर में हैं। इन्हें छोड़कर उच्च शिक्षा से जुड़े सभी कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे कोर्स की पढ़ाई एनुअल पैटर्न में ही हो रही है। अब छह और ऑटोनोमस कॉलेज में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले साल में राज्य में अन्य कॉलेजों में ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई सेमेस्टर से ही होगी।

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