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सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास, संगम क्षेत्र के चारो तरफ 5 कोस में मांस-मदिरा के सेवन पर लगे रोक

प्रयागराज: प्रयागराज विद्वत परिषद के बैनर तले अलोप शंकरी शक्ति पीठ मंदिर के परिसर में बैठक हुई।प्रयागराज के संगम क्षेत्र में मांस-मदिरा पर पूरी तरीके से पाबंदी की मांग अब उठने लगी है। इसको लेकर रविवार को साधु-संतों की बड़ी बैठक हुई है। बैठक में साधु-संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि संगम क्षेत्र के चारों तरफ पांच कोस में मांस और मदिरा के क्रय-विक्रय के साथ ही सेवन करने पर पूरी तरह से रोक लगना चाहिए।संगम क्षेत्र में मांस-मदिरा के प्रयोग पर प्रतिबंध को लेकर हुए परिषद के फैसले की जानकारी देते हरिचैतन्य जी महाराज।शासन-प्रशासन से नीति बनाने की उठी मांगसाधु-संतो ने बैठक में प्रशासन और शासन से भी इस बारे में एक नीति बनाने की मांग की गई है। साधु-संतों का कहना है कि संगम भारतीय संस्कृति सबसे तीर्थ स्थल है। यहां पर मांस और मदिरा पर तत्काल रोक लगाया जाना चाहिए। पूरी दुनियां और सनातन संस्कृति में त्रिवेणी संगम का बेहद ख़ास महत्व है। यहां की पवित्रता को बनाए रखने के लिए सरकार को संगम क्षेत्र के चारों तरफ पांच कोस में मांस और मदिरा के क्रय और विक्रय के साथ ही सेवन करने पर पूरी तरह से रोक लगाया जाना चाहिए। साधु-संतों ने कहा है कि सीएम योगी से उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह जरूर संतों की इस मांग पर विचार करेंगे।ऋषि भारद्वाज आश्रम से अवैध कब्जा हटाने की मांगप्रयागराज विद्वत परिषद के बैनर तले अलोप शंकरी शक्ति पीठ मंदिर के परिसर में हुई बैठक में अखाड़ों और मठों के साधु-संतों ने शिरकत की। सभी ने एक स्वर में त्रिवेणी संगम की पौराणिकता और उसकी पवित्रता को बनाने रखने के लिए मांस और मदिरा के क्रय-विक्रय पर पाबंदी लगाने की मांग की। साथ ही महर्षि भरद्वाज आश्रम को भी कब्जे से मुक्ति कराकर उसे विकसित करने की मांग की गई है।विद्यवत परिषद की बैठक में चर्चा करते सदस्य।मांस मदिरा मुक्त घोषित हो संगम क्षेत्रयमुना पुरी महाराज ने कहा है कि संगम की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के प्रयास के साथ ही पवित्रता भी बनाए रखने की जरूरत है। इसके लिए भी ठोस कदम उठाना चाहिए। श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुना पुरी महाराज ने कहा कि आज की बैठक में साधु संतों ने सर्वसमत्ती से यह फैसला लिया है कि सरकार को तत्काल संगम क्षेत्र के चारों कोस में मांस और मदिरा के क्रय विक्रय पर रोक लगाना चाहिए। साधु संतों ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ खुद एक संत हैं, उन्होंने काशी और अयोध्या को धार्मिक पहचान दिलाई है, उनसे उम्मीद है कि साधु संतो की इस मांग को वह गंभीरता से लेंगे। वहीं बैठक में शामिल मेला प्राधिकरण के तीर्थ पुरोहित प्रदीप पांडेय ने भी योगी सरकार से मांग की है कि संगम क्षेत्र को मांस और मदिरा से मुक्ति किया जाए।इससे पहले भी प्रतिबंध की उठ चुकी है मांगयह पहली बार नहीं है, जब संगम क्षेत्र में मांस और मदिरा पर लेकर रोक लगाए जाने की मांग की जा रही है। इसके पहले विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा काशी प्रांत के महामंत्री लालमणि तिवारी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर संगम क्षेत्र में मांस मदिरा के सेवन के साथ क्रय विक्रय पर पूरी तरीके से पाबंदी की मांग की थी। वहीं अब साधु संतो ने भी संगम क्षेत्र की पवित्रता को बनाए रखने के लिए मांस मदिरा पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की है।

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