उपराष्ट्रपति धनखड़, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी 18 सितंबर को जबलपुर आएंगे
जबलपुर। जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी इंस्टीट्यूट फार स्पेशल चिल्ड्रन का रजत जयंती समारोह 17 और 18 सितंबर को मानस भवन में मनाया जाएगा। इसमें शामिल होने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अलावा न्याय जगत की हस्तियां जबलपुर आएंगी। यह जानकारी मंगलवार को तन्खा निवास में पत्रकारवार्ता के दौरान राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा ने दी। तन्खा ने बताया कि 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से मानस भवन में आयोजित संगोष्ठी को देश के न्याय-जगत की जानी-मानी हस्तियां संबोधित करेंगी। देश के उपराष्ट्रपति के साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ की उपस्थिति में समारोह होगा।
पहली बार होगा जस्टिस जेएस वर्मा मेमोरियल लेक्चर
उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश स्व. जस्टिस जेएस वर्मा की स्मृति में प्रथम बार जस्टिस वर्मा मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ विशेष रूप से शामिल होंगे।
स्पेशल चिल्ड्रन द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी
बताया कि जस्टिस तन्खा मेमोरियल रोटरी इंस्टीट्यूट फार स्पेशल चिल्ड्रन का रजत जयंती वर्ष आगामी 17 व 18 सितंबर को मानस भवन में आयोजित है। 17 सितंबर को शाम छह बजे से कल्चरल प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्पेशल चिल्ड्रन द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। समारोह में मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल होंगे। अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी करेंगे। विशिष्ट अतिथि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ उपस्थित रहेंगे। इस दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, पूर्व महाधिवक्ता शशांक शेखर, स्टेट बार वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी, हाई कोर्ट बार अध्यक्ष संजय वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा, अधिवक्ता वरुण तन्खा मौजूद रहे। हमने 25 साल पहले स्कूल की स्थापना की थी। बस एक उद्देश्य था कि हमें बच्चों की सेवा करनी है। कम बच्चों से स्कूल की शुरूआत की थी और अब हमारे पांच से छह स्कूल हो गए हैं। बिलासपुर, ग्वालियर, भोपाल, मंडला में स्कूल है और अभी बहुत जगह से रिक्वेस्ट आ रही है और भी स्कूल खोलने की। जब स्कूल की 25 साल पूरे हो रहे हैं तो हमें लगा कि इसे सेलिब्रेट किया जाए, ताकि लोगों तक यह बात पहुंचे कि हमारी सोसायटी इन निश्शक्तजनों के लिए क्या कर सकती है।
-विवेक कृष्ण तन्खा, राज्यसभा सदस्य
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