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18 दिन दूसरी बार आक्रोश में ग्रामीण; BEO के आश्वासन पर भी नहीं पहुंचे टीचर्स

रेवाड़ी: स्कूल के गेट पर ताला लगाते हुए बच्चे।रेवाड़ी जिले के गांव बिसोहा स्थित सरकारी स्कूल पर बुधवार को एक बार फिर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया। ग्रामीण स्कूल के गेट पर ही धरने पर बैठे हुए है। इससे पहले 20 अगस्त को भी ग्रामीणों ने इसी प्रकार रोष व्यक्त किया था, लेकिन बावजूद इसके स्कूल में टीचर्स की नियुक्ति नहीं हुई।बता दें कि गांव बिसोहा के सरकारी स्कूल में 150 से ज्यादा स्टूडेंट्स है। ट्रांसफर ड्राइव पॉलिसी से पहले स्कूल में अलग-अलग विषय के 13 टीचर्स नियुक्त थे, लेकिन 15 अगस्त से शुरू हुई ट्रांसफर ड्राइव पॉलिसी के बाद यहां से अलग-अलग विषय के 10 टीचर्स का ट्रांसफर कर दूसरे स्कूलों में भेज दिया, लेकिन स्कूल में उनके बदले किसी दूसरे अध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई। फिलहाल स्कूल में सिर्फ 3 ही अध्यापक कार्यरत है।20 अगस्त को जिन विषयों के टीचर्स का तबादला किया गया, उनके बदले दूसरे टीचर्स की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर बाहर धरना दिया था। 2 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों के बीच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पहुंचे थे और एक सप्ताह के अंदर स्कूल के अंदर पर्याप्त टीचर्स की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 18 दिन बाद भी जब अनुपात के हिसाब से टीचर्स की नियुक्ति नहीं हुई तो बुधवार को ग्रामीणों ने एक बार फिर स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया।ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। सरकार ने बच्चों का भविष्य खराब करने के लिए स्कूल से कई महत्वपूर्ण विषयों के टीचर्स हटा दिए, ये बच्चों के साथ अन्याय है। पहली बार जब विरोध किया तो एक सप्ताह में नए अध्यापक लगाने की बात की थी, लेकिन उसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी गहरी नींद में सो गए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर स्कूल में जल्द ही नए टीचर्स की नियुक्ति नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

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