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बेहोशी के टीके पर शक; संदिग्ध इंजेक्शन जब्त कर जांच के लिए कोलकाता भेजे गए

चंडीगढ़: PGI ने पूरे मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बना दी है।चंडीगढ़ स्थित PGI में सर्जरी कराने आए 5 मरीजों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। यह मौतें पिछले हफ्ते के दौरान हुई हैं। इसको लेकर PGI प्रशासन को उन्हें दिए गए बेहोशी के प्रोपोफॉल टीके पर शक है। इसके बाद मरीजों को दिए प्रोपोफॉल इंजेक्शन का चंडीगढ़ शहर का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया है।करीब 3200 इंजेक्शन जब्त कर लिए गए। इस इंजेक्शन को जांच के लिए अब सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कोलकाता भेजा गया है। हालांकि PGI का कहना है कि मरीजों की मौतों की वजह यही इंजेक्शन है, इसके बारे में रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।न्यूरो और ऑर्थो सर्जरी के लिए भर्ती हुए थे, इंजेक्शन ही कॉमनसूत्रों के मुताबिक PGI में जिन 5 मरीजों की मौत हुई, वह ऑर्थोपेडिक और न्यूरोसर्जरी के लिए यहां आए थे। इन सभी में एक ही कॉमन बात उन्हें बेहोशी के लिए प्रोपोफॉल इंजेक्शन दिए गए थे। इसके बाद PGI ने तुरंत सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन(CDSCO) को सूचना दी। चंडीगढ़ के सीनियर ड्रग कंट्रोल अफसर सुनील चौधरी ने कहा कि PGI डॉक्टरों से शिकायत मिलने के बाद उन्होंने CDSCO टीम के साथ आकर सैंपल लिए। रिपोर्ट आने तक इस इंजेक्शन के बैच के सप्लाई रोक दी गई है।PGI ने भी जांच के लिए कमेटी बनाईइस पूरे मामले में अब PGI ने भी जांच के लिए कमेटी बना दी है। जिसे न्यूरोसर्जरी के हेड प्रोफेसर एसके गुप्ता लीड करेंगे। PGI के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रोफेसर विपिन कौशल ने कहा कि एनेस्थेटिक ड्रग्स दिए जाने के बाद ही मरीजों पर यह प्रभाव नजर आया है। जिसके तुरंत बाद CDSCO टीम को सूचना दी गई। PGI के मुताबिक यह इंजेक्शन प्राइवेट फार्मेसी से खरीदे गए थे।रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी : हेल्थ सेक्रेटरी चंडीगढ़चंडीगढ़ के हेल्थ सेक्रेटरी यशपाल गर्ग ने कहा कि अभी 5 लोगों की मौत की असल वजह कुछ नहीं कही जा सकती। चंडीगढ़ के ड्रग इंस्पेक्टरों और CDSCO की जॉइंट टीम ने उस फार्मेसी से सैंपल लिए हैं, जहां से दवाई खरीदी गई थी। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। करीब 4 हफ्ते में इसकी रिपोर्ट आएगी। इस बैच के सभी इंजेक्शन मार्केट से हटा लिए गए हैं। इसके पंचकूला के डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी इस बैच की दवा सप्लाई न करने को कहा गया है।

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