दिग्विजय सिंह से मिलने को राजी हो गए CM शिवराज, बोले- डूब प्रभावित किसानों की मांग जायज

भोपाल: पूर्व सीएम व कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की धमकी के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनकी मांग को जायज बताया है और उन्हें मिलने का समय दे दिया है। सीएम शिवराज ने दिग्विजय सिंह को 21 जनवरी को सुबह 11 बजे डूब प्रभावित किसानों के साथ मिलने की बात कही है। सीएम ने कहा कि डूब प्रभावित किसानों की समस्या के निराकरण के लिए दिग्विजय और किसानों से मिलना जरूरी है। सीएम के प्रमुख सचिव ने फ़ोन पर दिग्विजय सिंह को यह जानकारी दी है।

दिग्विजय सिंह ने दी थी धमकी…
दरअसल, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को धमकी दी थी कि शिवराज सिंह चौहान यदि 20 जनवरी तक उन्हें मिलने का समय नहीं देंगे तो 21 जनवरी से दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने आरोप भी लगाया था कि वे पिछले लंबे समय से सीएम शिवराज से मिलने का समय मांग रहे हैं लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा। दिग्विजय ने बाकायदा इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। इसके बाद उन्होंने सीएम को चेतावनी दी थी कि यदि शिवराज सिंह 20 जनवरी तक मुलाकात का समय नहीं देंगे, तो वह किसानों के साथ 21 जनवरी से सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठ जाएंगे।

डूब प्रभावित किसानों के लिए उठाई थी ये मांग…
दिग्विजय सिंह 4 जिलों के डूब प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और गांव वालों की समस्याओं को लेकर सीएम शिवराज से मिलना चाहते हैं। उन्होंने शिवराज को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘प्रिय श्री शिवराज सिंह चौहान जी, टेम और सुठालिया सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल, राजगढ़, विदिशा एवं गुना जिले में डूब में आ रहे परिवारों की समस्याओं को आपके ध्यान में लाने के लिये मैं विगत एक माह से आपसे मिलने का समय चाह रहा हूं। अभी तक आपने मिलने का समय नहीं दिया है। आपका यह रवैया पीड़ित और परेशान किसानों के प्रति आपकी असंवेदनशीलता का परिचालक है। मैं अनेक पत्रों के माध्यम से दोनों बांधों के डूब में आने वाले किसानों की परेशानियां आपको लिख चुका हूं। इन पत्रों पर आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई है, आपके जबाब का आज तक इंतजार है।

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि टेम और सुठालिया परियोजना में हजारों एकड़ जमीन डूब में आ रही है और अनेक गांव पूर्णतः एवं आंशिक रूप से डूब रहे हैं। डूब प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। मैंने विगत माह डूब प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से चर्चा की थी। बातचीत में लोगों द्वारा सरकार की मुआवजा नीति सहित विस्थापन और पुनर्वास के बहुत कम पैकेज का विरोध किया जा रहा है। मैं किसानों और ग्रामवासियों की समस्याओं को लेकर आपसे मिलना चाह रहा हूं। मैं दोनों परियोजना से प्रभावित होने जा रहे 15-15 किसानों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ कोविड प्रोटोकॉल के तहत मिलना चाह रहा हूं। मेरा आपसे पुनः अनुरोध है कि 20 जनवरी तक मुझे मिलने का समय देने का निर्णय लेना चाहेंगे, अन्यथा मुझे डूब प्रभावित किसानों के साथ आपके निवास के सामने धरने पर बैठने के लिये मजबूर होना पडे़गा। आशा है आप अप्रिय स्थिति बनने से पहले मुलाकात के लिये 20 मिनिट का समय देने का कष्ट करें।

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