कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र के आदेश के बावजूद दबंगों का हौंसला बुलंद, जिम्मेदार विभागों ने साधा मौन
मिर्जापुर: विंध्याचल धाम के त्रिकोण पथ काली खोह मंदिर मार्ग पर किया जा रहा अतिक्रमणविंध्याचल त्रिकोण पथ काली खोह मार्ग पर पहाड़ की तलहटी काटकर कब्ज़ा करने की होड़ मची है। विंध्य कारीडोर योजना जैसे -जैसे जमीन पर उतर रहा हैं, वैसे -वैसे बढ़ता अतिक्रमण सरकार की मंशा पर ही पानी फेर रहें है। काली खोह मंदिर जानें वाले मार्ग तक फैले विंध्य पर्वत को काटकर अतिक्रमण किया जा रहा है। क्षेत्र की सुन्दरता को नष्ट कर बलात कब्जा करने की होड़ मची है। वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी के सेवानिवृत होने के बाद एक पखवारा से DFO का पद खाली हैं।पहाड़ काटकर वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने के मची होड़पहाड़ काटकर कब्ज़ा करने की मची होड़तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रदेश सरकार की मंशा भले ही सर्व हितकारी हो। इस योजना के साथ ही बढ़ता अतिक्रमण सरकार के लिए चुनौती बन गया है। विंध्य पर्वत पर स्थित मंदिरों के मूल स्वरूप को बचाए रखने के लिए मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके बावजूद विभागों की चुप्पी और बढ़ता अतिक्रमण चिन्ता का विषय है। धाम के त्रिकोण परिक्रमा पथ पर पहाड़ को काट कर पहाड़ के साथ भी अन्याय किया जा रहा है।विंध्याचल मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रकमिश्नर के आदेश को किया जा रहा दर किनारविंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक सौन्दर्य को बचाने के लिए कमिश्नर ने अवैध कब्ज़ा धारकों के खिलाफ़ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बावजूद उनके मातहत मौन साधे बढ़ते अतिक्रमण को आंख बन्द कर सहमति दे रहे हैं । लिहाजा प्लाटिंग के साथ ही वन विभाग के पहाड़ को काटकर दूकान लगाया जा रहा है। काली खोह मंदिर से महज कुछ दूर पर ही मार्ग के दाएं और बाएं दोनों तरफ पहाड़ को काटकर दुकान लगाया जा रहा हैं। बाद में भले ही दूकान हटवा दिया जाय। पहाड़ को सड़क तक कैसे ला पायेंगे ।जिला प्रशासन की चुप्पी से अतिक्रमण कारियों के हौंसला बुलन्दएक माह का किराया 50 हजारबताया जाता हैं कि एक दूकान का जगह देने पर नवरात्रि में 50 हजार रुपए तक की कमाई कर लिया जाए रहा हैं। अवैध कमाई से फिर कब्जे का खेल शुरू होता हैं। जि़म्मेदार लोग भी जान कर भी अनजान बन जा सके रहे हैं। स्थानीय दबंगों के ने पहाड़ को काटकर दुकान लगा दिया है । दुकानों को भारी भरकम धन महीने के तौर पर वसूला जाता है।दूरदराज से आ रहे भारी संख्या में दर्शनार्थियों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। अतिक्रमण की अनदेखी किए जाने से श्रद्धालुओं को दिक्कत होना तय है । जिला प्रशासन को भी अतिक्रमण की हटाने के लिए अतिरिक्त अभियान चलाना पड़ेगा।
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