पूर्वी यूपी, उत्तराखंड और एमपी में हो सकती है तेज बारिश
नई दिल्ली। देश में रुक-रुक बारिश का दौर जारी है ऐसे में भारतीय मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात अब कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून द्रोणिका अभी भटिंडा, दिल्ली, हरदोई, वाराणसी, रांची, बालासोर से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से अगले 3 दिन तक कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो मंगलवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अलग-अलग हिस्सों में हल्की बरसात हो सकती। इस दौरान अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 33 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग क्षेत्रों में जोरदार बारिश हो रही है। आज यानी मंगलवार को राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर फिर बारिश होने का अनुमान है। भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है।कई जिलों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, मऊ, बलिया, गोण्डा, बस्ती, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर व अयोध्या के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ के सम्भावित खतरे को देखते हुए लोगों की सुरक्षा, बचाव एवं राहत के लिए व्यवस्थित इंतज़ाम किए जाएं।मौसम विभाग के मुताबिक, कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की रात से 22 सितंबर की सुबह तक पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में पहुंच जाएगा, जिसके चलते पूरे मध्य प्रदेश में 21 सितंबर से लगभग तीन दिन तक अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, बैतूल के आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। 21 सितंबर के आसपास मध्य प्रदेश के ऊपरी भाग में कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से द्रोणिका का पूर्वी हिस्सा दक्षिण की तरफ खिसकेगा। इन सभी मौसम प्रणालियों की वजह से पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। 21-22 सितंबर से यह दौर शुरू होगा, जो 25-26 सितंबर तक जारी रहेगा। हालांकि 29 सितंबर तक रुक-रुककर छुट-पुट वर्षा होती रहेगी।मौसम विभाग के मुताबिक, कम दबाव क्षेत्र के चलते ओडिशा में अगले तीन दिन में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। बताया जा रहा है कि उत्तर तथा मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात परिसंचरण शनिवार को बना हुआ था और इसके प्रभाव से मंगलवार तक समुद्र के उत्तर पश्चिमी हिस्से पर कम दबाव का क्षेत्र निर्मित होगा। मौसम विभाग ने पुरी, कालाहांडी, कंधमाल और गंजाम में कुछ स्थानों पर सोमवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि वर्षा के चार महीनों के आखिरी चरण में जोरदार बरसात के बाद मानसून की अगले दो दिनों में वापसी शुरू हो जाएगी। विभाग ने कहा कि उत्तर-पश्चिम के विभिन्न हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं। भारत के लिए मानसून की बरसात बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि देश की कृषि भूमि का काफी हिस्सा आज भी सिंचाई के लिए मानसून की वर्षा पर निर्भर है। मानसून की वापसी सामान्यत: सितंबर के मध्य में देश के पश्चिमी राज्य राजस्थान से प्रारंभ होती है।
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