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त्यौहारी तोहफा दे सकती हैं मोदी सरकार, एलपीजी सिलेंडर के दामों में हो सकती हैं कटौती

नई दिल्ली । हर माह की शुरुआत में ईंधन कंपनियां प्रोडक्ट्स के नए रेट जारी करती हैं। कंपनियां कई बार कीमतें बढ़ाती हैं,तब कई बार घटाती भी हैं। अगस्त की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19किलोग्राम) की कीमत में 36 रुपये की कमी की थी। इससे घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष तौर पर कोई लाभ नहीं मिला था। अब 1 अक्टूबर से एक बार सीएनजी और एलपीजी के दामों में बदलाव हो सकता है।
दरअसल, पिछले माह घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत कम की गई थी। इसके बाद इस बार उम्मीद है कि सरकार त्यौहारों को देखकर 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत कम कर सकती है।
बता दें कि एक सितंबर को कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर कीमत में 100 रुपये तक सस्ता हुआ था। तब इंडियन ऑयल द्वारा 1 सितंबर को एलपीजी के नए रेट जारी किए गए थे, जिसके मुताबिक इंडेन का सिलेंडर दिल्ली में 91.50 रुपये, कोलकाता में 100 रुपये, मुंबई में 92.50 रुपये और चेन्नई में 96 रुपये सस्ता मिलने लगे। यह कटौती दिल्ली से पटना, जयपुर से दिसपुर, लद्दाख से कन्याकुमारी तक हुई थी।
एलपीजी की कीमत तय करने के लिए इंपोर्ट पैरिटी प्राइज का फॉर्मूला यूज किया जाता है। इसमें क्रूड ऑयल की कीमत, समुद्री भाड़ा, इंश्योरेंस, कस्टम ड्यूटी, बंदरगाह का खर्च, डॉलर से रुपये का एक्सचेंज, माल ढुलाई, तेल कंपनी का मार्जिन, बॉटलिंग लागत, मार्केटिंग खर्च डीलर कमीशन व जीएसटी शामिल होता है।लगभग यही कारक सीएनजी की कीमतों को भी प्रभावित करते हैं।

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