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शिक्षक और समूह संचालक बोले- ये खाने लायक नहीं; ग्रामीणों के विरोध पर वापस लिया

बालाघाट: बालाघाट जिले में प्राथमिक स्कूल के बच्चों को घुना चना वितरित किया है। इसके बाद ग्रामीणों ने खराब चने के वितरण की शिकायत कलेक्टर और सहायक आयुक्त से की है। मामला परसवाड़ा अंतर्गत ग्राम डोंगरिया के लक्ष्मीटोला के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को दवाओं वाला और घुना चना बांट दिया। ग्रामीणों की नाराजगी पर जिला पंचायत सदस्य टामेश्वर पटले ने चने का सैंपल लेकर कलेक्टर, खाद्य विभाग और जनजाति विभाग के सहायक आयुक्त से शिकायत की।लक्ष्मीटोला के स्कूल मे मध्याह्न भोजन चलाने वाले ग्रामीण नानकराम चौहान ने बताया कि वितरण के लिए हमारे पास 15 दिन पहले चना आया था, स्कूल के शिक्षक वसीम खान सर ने कहा था, कि चना बांटना है। सोसाइटी के गोदाम में 4 महीने पहले से रखा चना खराब हो चुका था। हमे बिना आदेश के वितरण नहीं करने का कहा था। चने में काले कीड़े लग चुके थे, अब विभागीय निर्देशों का बोलकर वितरण कराया गया है। चना खाने से स्वास्थ्य को भी नुकसान हो सकता है।30 बच्चों को बांटकर वापस लियास्कूल के शिक्षक वसीम खान का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार यहां वितरण के लिए चना आया था। सोसाइटी से समूह वालों ने चना लाया और बांट दिया। बाद में पता चला कि उससे बदबू आ रही थी। चना काफी खराब है, खराब चने की जानकारी जनशिक्षक को दिया गया था। बीआरसी और उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद वितरण किया गया था। चना पूरी तरह से खराब है। इसमें क्या मिला है यह मेरी नॉलेज में नहीं है। 30 बच्चों को 1-1 किलो चने का वितरण किया गया था। ग्रामीणों के निर्देश पर वापस किया गया है।

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