रायसेन में बीमार बछड़े की मौत, लंपी प्रकोप की आशंका
रायसेन। जिले के सांचेत कस्बे में शनिवार को सुबह पशुपालक अशोक साहू के घर पर बछड़ा की मौत हो गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि बछड़ा की मौत का कारण लंपी वायरस का प्रकोप है। ग्रामीणों ने कस्बा सांचेत सहित जिले भर में मवेशियों को लंपी वायरस रोधी टीका लगाने की मांग की है। ग्राम के पूर्व जनपद सदस्य जगदीश लोधी का कहना है कि पशुपालक अशोक साहू कुछ दिनों पहले गाय व बछड़ा को अन्य स्थान से लेकर आये हैं। बछड़ा की खाल सूखने व कमजोर होने की बीमारी पिछले तीन-चार दिनों से दिखाई दे रही थी। पशु विभाग के लोगों ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
जिले के अन्य ग्रामों में भी पशु बीमार
जिले की उदयपुरा तहसील के देवरी, टिमरावन, सतवास तथा कुछ अन्य ग्रामों में एक दर्जन मवेशियों की त्वचा शुष्क हो रही है और उमनें कमजोरी के भी लक्षण है। इससे ग्रामीणों को लंपी वायरस का प्रकोप फैलने आशंका सताने लगी है।
विभाग ने सैंपल लिए
जिला पशु चिकित्सा विभाग के सहायक संचालक डा. प्रमोद अग्रवाल का कहना है कि अभी कुछ मवेशियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इससे पहले स्थानीय स्तर पर की गई जांच में किसी को लंपी वायरस होना नहीं पाया गया। एहतियात के तौर पर मवेशियों को लंपी वायरस से बचाव के टीके लगाए जा रहे है। शासन से दस हजार टीका मिले हैं, जिनमे से सात हजार मवेशियों को लंपी वायरस रोधी टीका लगा दिए है। कस्बा सांचेत में मृत बछड़ा के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पशु चिकित्सा टीम को भेजकर जांच कराएंगे। अभी पशुओं में सूखा रोग के लक्षण मिल रहे हैं, जिसका दो-तीन दिन इलाज करने पर ठीक हो जाते हैं। पशु पालकों को ग्रामो में चौकीदारों के माध्यम से सूचना भिजवाई जा रही है कि बीमार मवेशियों का तुरंत उपचार कराएं। जिले में करीब छह लाख पशु हैं। इनमें तीन लाख गोवंशी व शेष भैंस व अन्य हैं।
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