आवारा पशुओं की वजह से लोगों की जान संकट में लंपी वायरस का संक्रमण रोकने सीमाएँ सील
आवारा पशुओं के मुद्दे पर बेहद गंभीर हुए अखिल महेश्वरी (राजू) अध्यक्ष नगर-परिषद,जौरा नगरीय प्रशासन को आवारा पशुओं की समस्या से लोगों को निजात दिलाने को सख्त निर्देश दिए हैं। आम-जन जागरुक बन सहयोग करेंगे तभी आवारा पशुओं से मिलेगी निजात।
आवारा पशुओं की वजह से लोगों की जान संकट में लंपी वायरस का संक्रमण रोकने सीमाएँ सील । प्रशासन के ऐसे आदेश से व्यवस्था में बाधाएं खड़ी हो गई हैं।
जौरा-मुरेना, सार्वजनिक जगह हों या काॅलौनियों के गली मोहल्ले हर जगह आवारा पशुओं की वजह से आम लोगों का जीवन हर समय संकट में रहने लगा है।
ऊपर से लंपी वायरस की वजह से सीमाओं को सील किए जाने से पशुओं को एक स्थान से दूसरी जगह भेजने पर प्रतिबंध लगा है। ताकि पशुओं में फैल रहे लंबी वायरस को काबू में किया जा सका।
” आवारा पशुओं में भारी संख्या में पशु पालकों के मवेशियों के भी शामिल रहने की भी खबरें हैं। ” :–
इन बेकाबू आवरा पशुओं की वजह से अनेक बच्चे महिला पुरुष बृद्धजनों को जख्मी होना पड़ा है। यहाँ तक कि बहुत से लोगों को इन आवारा पशुओं के कारण जान से भी हाथ धोना पडा़ है।
जौरा नगर परिषद के अध्यक्ष माननीय श्री अखिल महेश्वरी ( राजू) ने कुछ दिवस पूर्व से जौरा नगर परिषद क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों व गली मोहल्ले काॅलौनियों से नगर परिषद प्रशासन को हाँका लगाकर उन्हें ऐसे सुरक्षित स्थान व वातावरण में भेजने छोड़ने के निर्देश दिए हैं , जहाँ इनके जीवन को भी कोई संकट न हो तथा आम-जन जीवन को भी सुरक्षा की गारंटी प्रदान की जा सके। अध्यक्ष महोदय इस संबंध प्रतिदिन नगरीय प्रशासन से संवाद करने के साथ साथ भ्रमण करते हुए समस्याओं का जायजा ले कर उचित विकल्पों पर गंभीरतापूर्वक विचार विमर्श कर रहे हैं। उनकी सक्रियता , सादगी व संवेदनशीलता की भी लोगों में चर्चा हो रही हैं।
आम-जन में यह भी चर्चा जोरों पर है, कि इन आवारा पशुओं में पशु पालकों के भी मवेशी भारी संख्या में शामिल रहते हैं। पशु-पालकों के पास इनके लिए उचित पशु गृह आवास के अभाव में भी कुछ पशु पालकों द्धारा उन्हें चारा पानी खिला पिलाकर यूँ ही आवारा स्थिति में प्रतिदिन छोड़ दिया जाता है। ऐसी चर्चा लोगों में सुनी जा सकती हैं। इन पशुओं की वजह से ही हर समय लोगो अपने जीवन के प्रति भय व संकट सदैव बना रहता है। लोगों की मांग है कि शीघ्र ही पशु-पालकों के मवेशियों का भी सर्वे कराया जाकर पशु पालकों को भी इस गंभीर समस्या के बारे में उचित दिशा निर्देश जारी किए जाने की जरूरत है ताकि आवारा पशुओं के कारण किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। तथा शेष आवारा पशुओं के प्रबंधन के बारे में अत्यावश्यक कदम शासन प्रशासन उठाने होंगे।
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