ग्राहकों के साथ संदिग्धों पर नजर रखने के लिए पुलिस के पास आधुनिक संसाधन नहीं
आगर मालवा: राजस्थान सीमा से सटे होने के बाद भी आगर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पुलिस पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। हालात यह हो गए कि सीसीटीवी कैमरे तो दूर डायल 100 जैसी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं है। इसी के चलते 28 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच कोतवाली थाने क्षेत्र में ही चोरियों की 5 बडी वारदाते सामने आई थी। ऐसे में एक बार फिर से बाजार में त्योहारी भीड़ भाड़ बढ़ने के साथ संदिग्ध बदमाशों द्वारा वारदात को अंजाम देने से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि सराफा बाजार से लेकर हाटपुरा और नाना बाजार में इन दिनों लगातार भीड़ बढ़ने लगी है।फैस्टिवल सीजन की शुरुआत के पहले बदमाशों ने शहर के कोतवाली थाने क्षेत्र के अलग अलग स्थानों पर चोरियों की बडी वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद भी बदमाशों की धरपकड़ के मामले में पुलिस के हाथ खाली पड़े हुए है। ऐसे में एक बार फिर बाजारों में त्योहारी भीड़ में बदमाशों की गैंग अपनी कारस्तानी दिखा सकती है, पर पुलिस ने बिती वारदातों से सबक तक नहीं लिया। क्योकि शहर में बदमाशों पर नजर रखने के लिए कही भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे। वारदात के बाद फस्ट रिस्पॉन्स विकल यानी डायल 100 भी कंडम स्थिति में पडे हुए है।व्यापारियों की दुकान पर लगे सीसीटीवी के भरोसे पुलिसआगर जिला बनने के बाद भी पुलिस महकमा न तो डायल 100 कंट्रोल रूम और न ही सीसीटीवी कैमरे लगवा पाया। बाजार या मुख्य सड़कों पर कोई वारदात हो तो पुलिस व्यापारियों के यहा लगे सीसीटीवी कैमरों के भरोसे ही बैठी रहती है। कोतवाली टीआई हरीश जेजुल्कर के अनुसार शहर में फिलहाल नपा के सहयोग से कुछ चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी लगावाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी और महकमे के द्वारा पीएचक्यु को एक प्रस्ताव भेज पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना बनाई है।यह फायदा होगाशहर की सुरक्षा में तीसरी आंख की सुविधा मिलने से पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने में बड़ा फायदा हो सकता है। जहां एक ओर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी तो दूसरी ओर यातायात व्यवस्था भी बहाल हो जाएगी। क्योंकि शहर के मुख्य बाजार के साथ बड़ौद चौराह, छावनी नाका चौराह, उज्जैन रोड जैसे अलग अलग स्थानों पर लगने वाले जाम की स्थिति सीसीटीवी कंट्रोल रूम से ही संभाली जा सकती है।वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाश पुलिस की गिरफ्त से बाहरआगर थाने क्षेत्र में बीते दिनों हुई चोरी की वारदात में बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी थी। 28 अगस्त की रात्रि में प्रसिद्ध बैजनाथ महादेव मंदिर स्थित मंगलनाथ मंदिर की दान पेटी के ताले चटका कर वहां भी हजारों रुपए चोरी की वारदात को अंजाद दिया।पशु खेड़ी के हनुमान मंदिर पर 1 सितम्बर की रात अज्ञात बदमाशों ने दान पेटी के ताले चटका कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह भी पुलिस ने वारदात की जानकारी लगते ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। पर 10 दिनों बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग हाथ नहीं लगा। हनूमान मंदिर में हुई चोरी की लिखापड़ी चल ही रही थी कि 2 सितम्बर की रात कनोड़िया स्थित लाल माता मंदिर में 25 हजार रूपए नगर और माता की नथनी पर अज्ञात बदमाशों ने हाथ साफ कर दिया। बदमाशों के होसले इतने बुलंद थे कि वे सीसीटीवी कैमरे का रिकार्डर तक ले भागे।चोरियों के इस सिलसिले में पुलिस के लिए बदमाशों ने सबसे बडी चुनोती 4 सितम्बर को दिन दहाड़े खड़ कर दी। यहां गोवर्धन लाल सोनी निवासी ग्राम आम्बादेव चांदी की कडी बनवाने के लिए अपने घर से 4 किलो 108 ग्राम चांदी लेकर आए थे और अपनी बाइक की डिक्की में रखी थी, एसपी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर खड़ी उनकी बाई से अज्ञात बदमाश डिक्की में रखी चांदी चुरा ले गए।
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