ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

​​​​​तिकुनिया हिंसा में सुप्रीम कोर्ट और प्रभात गुप्ता हत्याकांड में हाईकार्ट में सुनवाई

लखीमपुर-खीरी: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे आशीष मिश्रा की किस्मत का फैसला आज होगा। दरअसल, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तिकुनिया हिंसा में आशीष मिश्रा की जमानत पर सुनवाई होगी। वहीं, प्रभात गुप्ता हत्याकांड में एमपी-एमएलए कोर्ट लखनऊ की बेंच आज अंतिम सुनवाई करेगी।आशीष मिश्रा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे हैं। आशीष ने अपनी जमनात पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले एक बार सुप्रीम कोर्ट आशीष मिश्रा की जमानत रद कर चुका है। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर 2021 को भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।आशीष मिश्रा इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। प्रभात गुप्ता हत्याकांड की पैरवी कर रहे उनके भाई राजू गुप्ता ने बताया कि आज पिता-पुत्र के लिए अहम दिन है।अब आइए बारी-बारी से दोनों मामले को विस्तार से जानते हैं..तिकुनिया हिंसा-कुछ उपद्रवियों ने भड़काई थी हिंसातिकुनिया में तीन अक्तूबर को कुछ उपद्रवियों द्वारा हिंसा भड़का दी गई थी। जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी।लखीमपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर नेपाल की सीमा से सटे तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर 2021 की दोपहर करीब तीन बजे काफी संख्या में किसान प्रदर्शन कर रहे थे, तभी अचानक से तीन गाड़ियां (थार जीप, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो) किसानों को रौंदते चली गईं। घटना से आक्रोशित किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हो गई। इसमें 4 किसान, एक स्थानीय पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।यह घटना तिकुनिया में आयोजित दंगल कार्यक्रम में UP के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने से पहले हुई। घटना के बाद उप मुख्यमंत्री ने अपना दौरा रद्द कर दिया था। इस पूरे मामले में 4 किसान और गृह राज्य मंत्री के पुत्र समेत 14 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।एक रैली के दौरान सपा नेता प्रभात गुप्ता अपने समर्थकों के साथ जाते हुए। यह फोटो 2000 के आसपास की ही है।- फाइल8 जुलाई 2000 को हुई भी प्रभाग गुप्ता की हत्याअब बात प्रभात हत्याकांड की करते हैं। दरअसल, 8 जुलाई 2000 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कस्बे में एक 22 साल के नौजवान युवा प्रभात गुप्ता हत्या कर दी गई थी। FIR में अजय मिश्रा टेनी समेत 4 लोग नामजद हुए थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.