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चंडीगढ़ में नहीं थम रहा आवारा कुत्तों का आतंक

चंडीगढ़  में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लगातार शहर में डॉग बाइट के केस सामने आ रहे हैं। सोमवार सुबह सेक्टर 17 बी में हरियाणा टूरिज्म के कर्मी को आवारा कुत्ते ने बुरी तरह पैर पर काट लिया। कर्मी के पैर में काफी गहरा और बड़ा घाव हो गया। उसे सहकर्मी तुरंत सेक्टर 16 गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (GMSH-16) ले गए। वहां उनका इलाज चला और टांके लगाते हुए एंटी-रैबीज वैक्सीनेशन दी गई।

जानकारी के मुताबिक, घायल कर्मी खुशी राम सुबह के समय रोज की तरह पिंजौर स्थित अपने घर से ऑफिस आए थे। दफ्तर से कुछ ही दूरी पर बैठे आवारा कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हरियाणा टूरिज्म के रीसैप्शनिस्ट विजय वालिया ने बताया कि इस एरिया में कई खुंखार आवारा कुत्ते बैठे रहते हैं। ऐसे में यहां से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। कभी भी यह आवारा कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं। चंडीगढ़ नगर निगम को तुरंत कोई कदम उठाना चाहिए।

बता दें कि शहर में वर्ष 2018 में आखिरी बार आवारा कुत्तों की जनगणना हुई थी। यूटी के ऐनिमल हसबेंडरी विभाग द्वारा किए सर्वे में 12,920 आवारा कुत्ते शहर में पाए गए थे। वहीं, निगम आवारा कुत्तों की संख्या रोकने के लिए तेजी से नसबंदी करने के दावे करती रही है। वर्ष 2015 में कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम शुरू हुआ था और तब से लेकर पिछले वर्ष अगस्त तक निगम लगभग 20 हजार कुत्तों की नसबंदी करवा चुकी है। हालांकि इसके बावजूद कई सेक्टरों में आवारा कुत्तों का आतंक बरकरार है। कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और पार्षद इस मुद्दे को उठा चुके हैं।

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