9 हजार सैलरी वाले अपने ही कर्मचारी से मांगे 8 हजार, 3 हजार लेते गिरफ्तार
उज्जैन: उज्जैन में एक बार फिर भ्रष्ट अधिकारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा है। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री ने अपने ही कर्मचारी से ट्रांसफर के नाम पर 8000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। जैसे ही उसने पहली किश्त के 3000 रुपए लिए लोकायुक्त की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।उज्जैन लोकायुक्त ने उज्जैन मक्सी रोड स्थित बिजली दफ्तर के कार्यालय में सहायक यंत्री प्राणेश कुमार को 3000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। लोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि फरियादी अरुण चौहान कंपनी की मोहनपुरा ग्रिड पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनात है। वह अपने गांव के पास चंदूखेड़ी ग्रिड में ट्रांसफर करवाना चाहता था। फरियादी ने जब सहायक यंत्री से बात की तो उससे 8000 की रिश्वत की मांग कर दी। फरियादी ने लोकायुक्त को प्राणेश कुमार की शिकायत कर दी।अब तक 23 अधिकारी रिश्वत लेते ट्रैप हुएलोकायुक्त निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव ने बताया की इस वर्ष में जनवरी से लेकर अक्टूबर तक लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने अब तक 23 भ्रष्ट अधिकारियों को ट्रैप कर उनके खिलाफ भ्र्ष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किए हैं।9 हजार की सैलरी वाले से 3 हजार की रिश्वत की मांगआरोपी प्राणेश कुमार अपने ही कर्मचारी के ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। जबकि संविदा कर्मचारी फरियादी को मात्र 9000 रुपए प्रति माह वेतन के रूप में मिलता है उससे वो 3000 रुपए की मांग कर रह था। आरोपी सहायक इंजिनियर मूल रूप से दरभंगा का रहने वाला है। उज्जैन में वो ज्योति नगर स्थित एमपीईबी कालोनी में निवास करता है।
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