11 दिन पहले आरोपियों से कचहरी में हुई थी मारपीट,जान से मारने की मिली थी धमकी
लुधियाना: पंजाब के जिला लुधियाना में भामियां कलां इलाके में देर रात युवक को तेजधार हथियारों से मौत के घाट उतार दिया जाता है। इस मामले में पता चला है कि हमला करने वाले आरोपियों के साथ मरने वाले युवक पारस की 11 दिन पहले अदालत में हाथापाई भी हुई थी।बदमाश 11 दिन बाद शुक्रवार देर रात अपने साथियों के साथ मिलकर पारस की हत्या कर देते है। वहीं हमलावरों ने अस्पताल में भर्ती पारस के साथी को भी घायल कर दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक पारस पंजाब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मोती नगर का रहने वाला है।पारस ने फाइनेंसर संदीप सिंह के साथ कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम किया है। उनके दोस्त अभिषेक अवि को चोटें आईं। पारस ट्रांसपोर्ट नगर से काम खत्म कर वापिस आ रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पारस को जान से मारने की धमकियां मिल रही थी।आरोपियों की पहचान अजय पंडित, उसका भाई राजन पंडित, विशाल सूद, सिमरन सूद, चंदन भारती, सुमित खन्ना, सचिन भट्टी, दीपू, संकित और सागर के रूप में हुई है, जबकि उनके तीन साथियों की पहचान नहीं हो पाई है। आरोपी की संदीप सिंह से पुरानी रंजिश थी। चूंकि पारस ज्यादातर समय संदीप के साथ ही रहता था, आरोपी ने उसे भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी ने पारस को जान से मारने की धमकी भी दी थी।घटना स्थल से नजदीक ही दात लेकर घुमता बदमाश सीसीटीवी में कैद।पारस अपने दोस्त अभिषेक अवि के साथ स्कूटर पर सवार होकर भामियां इलाके से पार कर रहा था, तभी शुक्रवार देर रात आरोपियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। स्कूटर और मोटरसाइकिल पर सवार आरोपियों ने पारस पर तेजधार हथियारों से हमला किया। जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन्होंने अभिषेक अवि के साथ भी मारपीट की। स्थानीय लोगों के वहां एकत्र होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोपियों की सीसीटीवी भी वायरल हो रही है जिसमें बदमाश तेजधार हथियार लेकर घुमते दिख रहे है।पीड़ित के दोस्त संदीप, गुरविंदर प्रिंकल और करण नारंग दोनों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने पारस को मृत घोषित कर दिया, जबकि अभिषेक अवि का इलाज चल रहा है। 10 अक्टूबर को पारस संदीप और उसके दो दोस्तों नीरज और निहाल के साथ लुधियाना कोर्ट परिसर गया था, जहां आरोपी राजन पंडित, छोटू जवादी और अन्य साथियों ने उनके साथ मारपीट की थी।हालांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों ने बीच-बचाव करते हुए मारपीट को टाल दिया। हालांकि राजन ने अपने भाई अजय पंडित के जरिए घटना के बाद पारस को धमकी दी थी। पीड़ित पारस की पत्नी शिवानी ने कहा कि उसके पति ने उसके साथ घटना सांझा की थी और उसे यह भी बताया था कि आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। पारस की 11 महीने पहले शादी हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है।जमालपुर थाने के SHO इंस्पेक्टर बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि शिवानी की शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 506 (आपराधिक धमकी), 148 (दंगा, घातक हथियारों से लैस) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। SHO ने कहा कि अजय पंडित और राजन पंडित कुख्यात अपराधी हैं और वे कई आपराधिक मामलों में नामजद है।
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