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यहां 8 से 10 लाख लोग विभिन्न इलाकों में रहते हैं, इनके गांव जाने के लिए नहीं है कोई सीधी ट्रेन, होती है परेशानी

फरीदाबाद: फरीदाबाद में , वर्षों की जा रही मांग, आज तक नहीं हुई पूरी।तीन ट्रेनें चलाने की मांग, बोले, कहा, त्यौहारों पर घर जाने के लिए होती है परेशानीप्रवासी संगठनों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर पूर्वांचल के लिए तीन ट्रेनें फरीदाबाद से चलवाने की मांग की। प्रवासियों का कहना है कि फरीदाबाद औद्योगिक नगरी में यूपी बिहार के 8 से 10 लाख लोग अपने परिवार के साथ यहां रहते हैं। लेकिन त्यौहारों और शादी विवाह के मौके पर उन्हें गांव जाने के लिए फरीदाबाद से सीधी ट्रेनें नहीं मिलती है। इससे प्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।शनिवार को पूर्वी सेवा समिति, भोजपुरी अवधी समाज, डाॅ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल ट्रस्ट, और यमुना रक्षक दल के सदस्य सुनील कुमार सिंह, गौतम जयसवाल, रमाकांत तिवारी, आरएन सिंह, अरुण सिंह, सुदेश यादव, ओम श्रीराम, बीके पांडेय आदि ने केंद्रीय मंत्री से मिलकर ट्रेन की समस्या के बारे में अवगत कराया। प्रवासियों ने कहा कि बदरपुर बॉर्डर से लेकर बल्लभगढ़ तक करीब 8 से 10 लाख प्रवासी विभिन्न औद्योगिकी संस्थाओं में मेहनत मजदूरी करते हैं। प्रवासियों की इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी उन्हें गांव जाने के लिए ट्रेनें पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली और आनंद विहार से पकड़नी पड़ती है। ऐसे में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि सामान भी अधिक होता है। यदि तीन ट्रेनें फरीदाबाद से पूर्वांचल के लिए चला दी जाए तो ये परेशानी खत्म हो जाए। प्रवासियों ने कहा कि यदि सरकार फरीदाबाद से गोरखपुर होते हुए दरभंगा, पटना क्यूल होते हुए भागलपुर और मुगलसराय होते हुए गया रूट पर ट्रेनें चलाती है तो इससे पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड का काफी इलाका कवर हो जाएगा।

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