कोरोनाकाल में अपने अभिभावकों को खो चुके बालकों के साथ सीएम शिवराज ने मनाई दीवाली
भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज पाटिल अपनी सहृयता के लिए मशहूर हैं इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने के मिला जब उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिवाली मनाई है। शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को ही हैरान कर दिया था कि वह इस बार उन बच्चों के साथ दिवाली मनाएंगे जिन्होंने अपने माता-पिता को कोरोना महामारी के दौरान खो दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन बच्चों को सीएम हाउस में बुलाया था। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों के साथ जमकर मस्ती की। उनके साथ मुख्यमंत्री ने डांस भी किया। शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों से यह भी कहा कि आप अपने मामा के घर आए हो जमकर मौज मस्ती करो।इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों के साथ पौधे भी लगाए। शिवराज चौहान ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और यह भी कहा कि उनके पालन पोषण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं है वे जहां तक पढ़ाई करना चाहते हैं, उनकी पूरी मदद सरकार की ओर से की जाएगी। उनकी पढ़ाई में किसी तरीके का बाधा नहीं पहुंचेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जहां भी इन बच्चों को परेशानी आएगी, वहां मामा उनके साथ खड़ा मिलेगा। बच्चों से शिवराज ने कहा कि यह तुम्हारे मामा का घर है, यहां तो मस्ती और इंजॉय करने के लिए आए हो खूब मस्ती करो। शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह भी मौजूद रही। दोनों ने बच्चों के साथ दीपावली मनाई दिए जलाएं। शिवराज ने कोविड में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के साथ दीपावली मनाने के लिए निवास पर आयोजित “दीपोत्सव” कार्यक्रम में पधारे बच्चों पर पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। इससे पहले सीएम ने कहा था कि मैं दीपावली अपने उन भांजे-भांजियों के साथ जिनके माता-पिता कोरोना के दौरान नहीं रहे, उनके साथ में दीपावली मनाऊंगा। वह अपने आप को अकेला ना समझें। उनके मम्मी पापा नहीं है लेकिन मामा तो है। हम लोगों के होते मध्यप्रदेश में कोई भी बच्चा अनाथ से नहीं रह सकता। उन्होंने कहा था कि बाकी जिलों में भी हर जगह कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता नहीं है, उनके साथ दीपावली मनाएं, उनको उपहार दें, उनके साथ भोजन करें और उनको एहसास नहीं होने देंगे कि वह अकेले हैं।
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