ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

बिलासपुर में 31 साल से बंगाली समाज में चल रही परंपरा, दिवाली की रात हुई मां काली की आराधना

बिलासपुर: दीपों से जगमग हुआ मंदिर।कार्तिक अमावस्या की मध्य रात्रि महानिशीथ काल में बिलासपुर के रेलवे परिक्षेत्र में बंगाली समाज के लोगों ने काली मां की विशेष पूजा आराधना की। इस दौरान न्यू लोको कॉलोनी स्थित काली मंदिर में 2100 दीप सजाए गए। यहां मंगलवार की देर रात तक अनुष्ठान कर पूजा-अर्चना की गई। दिवाली पर्व पर शहर में बंगाली समाज के लोगों की काली पूजा करने की परंपरा 31 पुरानी है।काली मां की हुई विशेष पूजा आराधना।काली पूजा कार्तिक मास में खास तौर पर बंगाल, उड़ीसा एवं असम में मनाया जाता है। यह पूजा कार्तिक मास की अमावस्या के दिन की जाती है। काली पूजा को श्यामा पूजा भी कहते हैं। बंगाली परंपरा के अनुसार दिवाली को काली पूजा भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन मां काली 64,000 योगिनियों के साथ प्रकट हुई थीं और रक्तबीज जैसे राक्षसों और दुष्टों का संहार किया था। ऐसा माना जाता है कि आधी रात को मां काली की विधिवत पूजा करने से मनुष्य के जीवन की सारी दुख और पीड़ाएं शांत हो जाती है। मां काली की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।पूजा अर्चना करने से पहले दीप सजातीं महिलाएं।2100 दीप सजाकर की गई काली मां की आराधनारेलवे परिक्षेत्र के न्यू लोको कॉलोनी में काली मां का मंदिर है, जहां हर साल नवरात्र पर्व पर पूरे 9 दिनों तक विशेष पूजा आराधना की जाती है और ज्योति कलश प्रज्जवलित किया जाता है। वहीं, दिवाली पर्व पर अमावस्या की रात देवी मंदिर में विधि विधान से मां काली की पूजा अर्चना कर अनुष्ठान किया जाता है। मंगलवार की रात यहां श्रद्धालुओं ने 2100 दीप सजाकर मां काली की पूजा की। यहां देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.