सलाम के नजराने के बाद उर्स के कार्यक्रम की हुई शुरूआत
बरेली: दरगाह शाहदाना वली के उर्स पर पेश किया संदल। सलाम के नजराने के बाद उर्स के कार्यक्रम की हुई शुरूआत।बरेली स्थित कुतबे बरेली हजरत शाहदाना वली के उर्स पर मजार-ए-मुबारक पर अकीदतमंदों द्वारा संदल पेश किया गया। सलाम के नजराने के बाद उर्स के कार्यक्रम की शुरुआत हुई।इसी कड़ी में सर्व भारतीय सेवा समिति अध्यक्ष शारिक अली खां, कैंट अध्यक्ष मिर्जा शाहाब बेग, शाहजेब अली खान, निजाम खां उर्फ गुड्डू, आफताब मियां, नवजोत सिंह, मिर्जा मुकर्रम बेग, निसार पहलवान, उर्फी खां, अनस खान, रिंकू ने दरगाह शाहदाना वली पर चादर व गुलपोशी कर हिंदुस्तान में अमन व भाईचारे के लिए खुसूसी दुआ की। जिसके बाद दरगाह के मुतावल्ली अब्दुल वाजिद खां बब्बू मियां ने सभी की दस्तारबंदी कर हौसला अफजाई की।जायरीन के लिए लंगर के इंतजामउर्स के अवसर पर शाहदाना वली दरगाह पर आने वाले जायरीन के लिए लंगर का इंतजाम जारी रहा। असर की नमाज के बाद चांद मियां अशरफी ने मिलाद का नजराना शाहदाना वली की बारगाह में पेश किया।रात 9 बजे दूर दराज से आए फनकार इरफान सलीम मेरठ, मोबिन नियाजी बरेली, शब्बू नियाजी बरेली, शाबेज साबरी बरेली ने शाहदाना वली सरकार की शान में कलाम पेश किए।इन्होंने की व्यवस्थाकुल की व्यवस्था देखने वालों में मुख्य रूप से हाजी अबरार खां, युसूफ इब्राहिम, गफूर पहलवान, वसी वारसी, जफर अली,इरफान रजा, अब्दुल सलाम नूरी, भूरा साबरी, जावेद खां, शान खां,जर्दब साबरी, गुफरान दानाई, गुल्लन खां,9सलीम रजा कादरी, सलीम रजा सईद अहमद, आदि सहित बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि 30 अक्टूबर रात 9:00 बजे से महफिले-ए-समा का आयोजन होगा जो देर रात तक चलेगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.