स्कूली बच्चों को वीरों के ऊपर लिखनी होंगी कविता-कहानी
मंदसौर: स्कूलों के छात्रों को सशस्त्र बलों के जवानों, अधिकारियों और आम नागरिकों की बहादुरी से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए वीरगाथा प्रोजेक्ट के दूसरे संस्करण की शुरुआत की गई है। प्रोजेक्ट के तहत छात्र-छात्राओं को वीरता पुरस्कार हासिल करने वालों की कहानी को कविताओं, चित्रों, निबंधों के रूप में दिखाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कक्षावार विभिन्न श्रेणियों के 25 विजेताओं का चयन कर सबसे अच्छी कृति को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।देश के वीरों के जीवन एवं बलिदान की कहानियों के जरिए छात्रों में बहादुरी की भावना को प्रगाढ़ बनाने के लिए यह पहल शुरू की गई है। इसमें कक्षा तीसरी से 12वीं तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे।-कक्षावार तय की गई शब्द संख्या – बोर्ड ने कक्षावार विद्यार्थियों के लिए टॉपिक और शब्दों की संख्या तय की है। कक्षा 3 से 5 तक बच्चों के लिए कविता, पैराग्राफ और कहानी के लिए अधिकतम 150 शब्द की सीमा रहेगी। कक्षा 6 से 8 के लिए कविता, निबंध की शब्द संख्या 300 रहेगी। वहीं कक्षा 9वीं, 10वीं के लिए 750 और 11वीं व 12वीं के लिए एक हजार रहेगी। सभी कक्षा के छात्र पेंटिंग और वीडियो भी तैयार कर सकते हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.