ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

तीन साल में पहली बार खर्च घटाएगी सरकार

सरकार चालू वित्त वर्ष में अपने खर्च में तीन साल में पहली बार कटौती कर सकती है। एक अप्रैल से शुरू हुए चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के कुल खर्च में भारी कमी आ सकती है। 2022-23 के बजट में 39.45 लाख करोड़ खर्च होने का अनुमान था।सरकार राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाने की इच्छुक है क्योंकि यह 4 फीसदी से 5 फीसदी के ऐतिहासिक स्तरों से काफी ऊपर है। 2020-21 में कोविड-19 महामारी के पहले वर्ष के दौरान यह 9.3 फीसदी के रिकॉर्ड तक पहुंच गया था।सरकार का राजकोषीय घाटा अप्रैल-अगस्त के दौरान रिकॉर्ड 5.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो बजट अनुमान के 16.6 लाख करोड़ की तुलना में 32.6 फीसदी है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 4.68 लाख करोड़ रुपये था जो उस समय बजट अनुमान का 31.1% था।

क्षेत्रों के हिसाब से कटौती पर फैसला दिसंबर तक

सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से पीछे नहीं हटने वाली है। यह पता नहीं चला है कि खर्च में कटौती से किन क्षेत्रों के प्रभावित होने की संभावना है,क्योंकि संशोधित बजट अनुमानों पर चर्चा चल रही है और दिसंबर के अंत तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

राजस्व में दो लाख करोड़ तक हो सकती है बढ़त

ईंधन पर कर कटौती, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से राजस्व में एक लाख करोड़ से अधिक की कमी आ सकती है। फिर भी,राजस्व 1.5 लाख करोड़ से 2 लाख करोड़ बढ़ सकता है।राजस्व में वृद्धि अब भी प्रत्याशित अतिरिक्त खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।क्योंकि सरकार को 1.5 लाख करोड़ से 1.8 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खाद्य और उर्वरक सब्सिडी प्रदान करनी होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.