ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

190 लाख करोड़ रुपये के पार हो सकता है बैंक जमा

बैंकों में एक साल में जमा की रकम 190 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच सकती है। बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक,उधारी की मांग को पूरा करने के लिए बैंकों के पास सबसे आसान तरीका एफडी पर ब्याज बढ़ाना है।अभी जमा की वृद्धि दर 9.5% है,वहीं कर्ज में 17% बढ़त है।जमा के अनुपात में कर्ज का उठाव दोगुना है।यस सिक्योरिटीज के अमर अंबानी ने कहा कि बैंकों को जमा पर ब्याज बढ़ाना ही होगा।आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक,4 नवंबर के पखवाड़े में बैंकों के पास 173.70 लाख करोड़ जमा था। एक साल पहले यह 160.46 लाख करोड़ था।

पिछले साल नवंबर से इस साल मई तक जमा पर ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई बावजूद इसके जमा में 13 लाख करोड़ की बढ़त दिखी। इस साल मई से आरबीआई द्वारा रेपो दर में 1.90 फीसदी की वृद्धि के बाद जमा पर ब्याज दरें जमकर बढ़ीं हैं।अब एफडी पर 8 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है।आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग ने कहा,कर्ज में ज्यादा वृद्धि इसलिए हैं क्योंकि आवास, कृषि, वाहन और अन्य क्षेत्रों से मांग आ रही है। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 और 2024 में कर्ज की रफ्तार 15% की दर से बढ़ सकती है। 2024 में बैंकों का कर्ज 164 लाख करोड़ हो सकता है।

बैंकों का कर्ज 110.40 लाख करोड़ से बढ़कर 129.26 लाख करोड़ रुपये हो गया है। जमा की तुलना में इसमें 6 लाख करोड़ बढ़त हुई है। पिछले साल जब होम लोन की ब्याज दरें निचले स्तर 6.35% पर थीं, तब कर्ज में केवल 5.5% की वृद्धि हुई थी। लेकिन कर्ज पर ब्याज 9% के ऊपर है तो इसमें वृद्धि 17% की है।भारी भरकम कर्ज की मांग पूरा करने के लिए जमा पर ज्यादा ब्याज देना ही होगा। 21 अक्टूबर के हफ्ते में जमा 172.03 लाख करोड़ रुपये पर था। सिंतबर, 2020 से देखें तो इसमें 30 लाख करोड़ की बढ़त आई है। उस समय जमा 142.63 लाख करोड़ था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.