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मानी गई मांगों पर पत्र जारी न करने पर रोष; सिवानी विस्फोट कांड पर भी रोष

यमुनानगर: यमुनागनर में प्रदर्शन कर कर्मचारी।हरियाणा के यमुनानगर में मंगलवार को नगर निगम और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। निगम कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर सरकार पर उनके साथ वादाखिलाफी के आरोप लगाए। एएमसी धीरज कुमार और एसडीएम सुशील कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।नगरपालिका कर्मचारी संघ नेता प्रवेश प्रवचन ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीच हुए समझौते में मानी गई मांगों के पत्र अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। साथ ही सिवानी बम विस्फोट में मृतक कर्मचारी के आश्रित को 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता राशि और पक्की नौकरी देने, घायल कर्मचारियों को 20-20 लाख रुपए मुआवजा व इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने, विस्फोट कांड की न्यायिक जांच कर एफआईआर दर्ज कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से ठोस आश्वासन दिया गया था कि 6 नवंबर को आचार संहिता समाप्त होते ही मानी गई सभी मांगों के पत्र जारी कर दिए जाएंगे, लेकिन 1 महीने का समय होने के उपरांत भी सरकार की तरफ से मानी गई मांगों के पत्र जारी नहीं किए गए हैं। सरकार के इस दोहरे रवैया से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।इसके अलावा भिवानी जिला के सिवानी नगर पालिका से सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी जिला प्रशासन द्वारा अवैध पटाखों को नष्ट करने के लिए लगाई गई। पटाखों को नष्ट करने के लिए ले जाते वक्त पटाखों में ब्लास्ट हो गया। इसमें एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई और चार सफाई कर्मचारी घायल हो गए। प्रशासन की तरफ से मृतक के परिवार को कोई ठोस आश्वासन नही दिया गया न हीं घायल कर्मचारियों को सही प्रकार से इलाज करवाया गया।

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