ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

107 साल का सार्थक जीवन जीने वाली योग दादी नीमा देवी नहीं रहीं

हनुमानगढ़ । राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की सबसे लंबी उम्र जीने वाली बुजुर्ग और योग दादी के नाम से ख्यात 107 वर्षीय नीमा देवी का निधन हो गया है। नीमा देवी 107 साल की उम्र में भी योग और प्राणायाम करती थीं और अपने सभी काम खुद ही करती थी। पूर्व में नीमा देवी को कुछ शारीरिक परेशानियां हुई तो उन्होंने चिकित्सकों के पास जाने की बजाय योग शुरू किया। योग शुरू करने के बाद आश्चर्यजनक रूप से उनका नजर का चश्मा भी हट गया और शारीरिक परेशानियां भी दूर हो गईं। इस पर उन्होंने योग को ही अपने जीवन का आधार बना लिया था। नीमा देवी ने रोजाना सुबह-शाम ना केवल खुद योग किया बल्कि ग्रामीणों को भी योग का प्रशिक्षण दिया। इससे धीरे-धीरे उनकी ख्याति योग दादी के रूप में बढ़ती गई। उनके पौत्र एवं बार संघ भादरा के पूर्व सचिव अमित देहडू ने बताया कि नी देमावी का बुधवार को भादरा स्थित निवास पर आकस्मिक निधन हो गया। नीमादेवी की उम्र 107 साल की थी। इस उम्र में भी वे ना तो चश्मा लगाती थी और ना ही उनको कोई बीमारी थी। वे अपने रोजमर्रा के काम भी खुद करती थी।

अमित देहडू ने बताया कि योग दादी के रूप में मशहूर नीमा देवी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नुआं में किया गया। योग दादी के रूप में मशहूर नीमा देवी अपने अंतिम समय तक मतदान के लिए मतदाताओं को भी प्रेरित करती रही। वे हर विधानसभा, लोकसभा और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में वोट डालने जरुर जाती थी। इससे उनका नाम जिले को सबसे वृद्ध महिला मतदाता के रूप में भी दर्ज था। नीमा देवी अंत समय तक रोजाना सुबह-शाम योग करती थी। योग कारण उन्हें चश्मे के बिना भी सबकुछ साफ दिखाई देता था। अच्छे से सुनाई भी देता था। इसके अलावा उनको इस उम्र में भी किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। वे अपना काम खुद करती थी और वे बिना सहारे के चलती-फिरती थी। खाना पीना हमेशा सादा रखती थीं। परिजनों के मुताबिक नीमा देवी का दावा था कि एक बार उनकी आंख खराब हो गई थी। इस पर डॉक्टर ने कहा कि उनकी आंख अब कभी भी सही नहीं हो सकती, लेकिन उन्होंने इस बात पर विश्वास नहीं किया और योग करना शुरू कर दिया। उसके बाद अंत समय तक भी आंखें ठीक रही है और उन्होंने चश्मा नहीं लगाया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.