ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

एनसीपी नेता आव्हाड ने शिवाजी महाराज, श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर दिया विवादित बयान

मुंबई । एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री जितेंद्र आव्हाड फिर विवादों में घिरे हैं। बीते कुछ दिनों से आव्हाड अपने बयानों की वजह से सियासी चर्चा का केंद्र में हैं। अब उन्होंने शिवाजी महाराज, श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान दिया है। आव्हाड के बयान की वजह से पूरे महाराष्ट्र में भारी नाराजगी महसूस की जा रही है। आव्हाड के बयान के बाद बीजेपी नेता कपिल दहेकर ने उनकी जीभ काट कर लाने वाले को दस लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। दरअसल आव्हाड ने एक ट्वीट में लिखा है कि मुगलों के बिना शिवाजी महाराज का इतिहास कौन जानेगा, रावण के बिना श्रीराम को कौन जानेगा?  दहेकर महाराष्ट्र के जालना जिले के बीजेपी ओबीसी मोर्चा के नेता हैं। कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आव्हाड कभी-कभी सारी सीमाओं को पार कर देते हैं।
आव्हाड ने ट्वीट में लिखा है कि अगर रावण को रामायण से निकाल दिया जाए, तब श्रीराम के चरित्र का क्या महत्व रहेगा। दुर्योधन, कर्ण को महाभारत से हटा दे तब कृष्ण और अर्जुन का क्या महत्व रहेगा। मुगलों और आदिलशाह को छोड़ दें तब फिर शिवाजी महाराज के इतिहास को कैसे समझेंगे? ठीक इसतरह अंग्रजों को अलग कर दिया, तब भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महत्व को कैसे समझेंगे? आव्हाड का यही ट्वीट अब उनके लिए गले की हड्डी बनता हुआ नजर आ रहा है। उनके इस बयान के खिलाफ विरोध के सुर उठ रहे हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी जितेंद्र आव्हाड विवादित बयान देते रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था कि औरंगजेब हिंदू विरोधी शासक नहीं था। अगर वह हिंदू विरोधी होता तब जिस जगह पर छत्रपति संभाजी महाराज की हत्या की गई थी। वहां पर मौजूद विष्णु मंदिर को भी उसमें तोड़ दिया होता।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.