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अरुण यादव को मिला पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का साथ, बोले-कांग्रेस में पहले मुख्यमंत्री घोषित करने की परंपरा नहीं

भोपाल। कांग्रेस में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा तय नहीं होता है। चुनाव के बाद विधायक दल नेता चुनता है। यही परंपरा रही है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव की इस बात का समर्थन पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी किया है। उन्होंने सोमवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा में कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। कोई ऐसा कहता भी नहीं है कि भावी मुख्यमंत्री हूं। प्रदेश में कमल नाथ को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बताते हुए भावी मुख्यमंत्री के होर्डिंग्स समर्थकों ने कई स्थानों पर लगाए थे। इसको लेकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने मीडिया से चर्चा मेें कहा था कि पार्टी में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोेषित करने की परंपरा नहीं है। चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक होती है और वरिष्ठ नेता विचार-विमर्श कर निर्णय लेते हैं। यही बात विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह नेे भी दोहराई। जब उनसे कमल नाथ द्वारा ग्वालियर में स्वयं को मुख्यमंत्री पद का चेहरा या दौड़ मेें न होने संबंधी बयान पर प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। कोई ऐसा कहता भी नहीं है कि भावी मुख्यमंत्री हूं। मैं तो यही कह सकता हूं कि भावी विधायक बनना चाहता हूं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री से प्रतिदिन वचन पत्र को लेकर प्रश्न पूछने पर उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को मालूम है कि 15 माह में जो होना था, वो हो चुका है। क्या भाजपा के घोषणा पत्र में खरीद-फरोख्त कर सरकार गिराने का उल्लेख था, इसका उत्तर दिया जाना चाहिए। भाजपा ने जनादेश का जो निरादर किया है, उसका जवाब जनता 2023 के चुनाव में देगी। सरकार की विकास यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 18 साल बाद जनता की याद आई है। आज युवा, किसान, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग सहित सभी परेशान है

 

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