ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

यूक्रेन की आक्रामकता से चिंता में पड़ा नाटो

ब्रूसेल्स । रूस और यूक्रेन के बीच महायुद्ध जारी है और इसे एक साल पूरा होने में कुछ ही दिन बचे हैं। अब तक लाखों रूसी और यूक्रेनी सैनिकों की मौत हो चुकी है, इसमें बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हैं। युद्ध की वजह से अरबों-खरबों का नुकसान हो चुका है। रूसी सेना यूक्रेनी शहरों को श्मशान घाट बनाने पर उतारू है, तो यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब यूक्रेन ने नाटो को टेंशन देना शुरू कर दिया है। नाटो चीफ ने कहा है कि यूक्रेन रोजाना इतने गोले दाग रहा है, जितना रूस एक साल में प्रयोग में लाता है।

यूक्रेन के इस कदम से रूस भड़क सकता है जो पश्चिम देशों के लिए चिंता का कारण है। नाटो, अमेरिका और तमाम पश्चिमी देशो की मदद से नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन अपने साथियों के मुकाबले काफी तेजी से गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रहा है और इससे पश्चिमी रक्षा उद्योगों पर दबाव बन सकता है, ठीक उसी तरह जैसे रूस ने अपने सैन्य आक्रमण को तेज किया है।

नाटो के रक्षा मंत्रियों के दो दिवसीय बैठक में स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि वर्तमान में यूक्रेन हमारी उत्पादन क्षमता से कही अधिक तेजी से गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रहा है। इससे हमारे रक्षा उद्योग पर दबाव पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन प्रतिदन 6000 से 7000 तोप के गोले बरसा रहा है और यह उतनी संख्या है, जितनी रूस एक साल में किसी युद्ध में इस्तेमाल में लाता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.