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रहस्यमयी ढंग से लगातार बढ़ता है अर्धनारीश्वर शिवलिंग का आकार, महाशिवरात्रि पर भूतेश्वर नाथ मंदिर में लगा भक्तों का तांता

गरियाबंद: गरियाबंद से 4 किलो मीटर दूर घने जंगलों के बीच भगवान भूतेश्वर नाथ महादेव विद्यमान है जिसे भकुर्रा महादेव के नाम से भी जाना जानता है। यह विशालतम प्राकृतिक शिवलिंग लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां 1970 में इसकी ऊंचाई 48 फीट थी तो 1995 में इसकी ऊंचाई 72 फीट हो गई। इसी तरह उसकी गोलाई बढ़कर 210 फिट हो चुका है।

इस आश्चर्यचकित कर देने वाले प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं और मनोकामना मांगते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर अपने स्थान से पैदल नंगे पांव भगवान शिव के दर्शन करने लोग भूतेश्वरनाथ पहुंच नमन करते हैं। विशेषकर महाशिवरात्रि और सावन माह में यहां भक्तों का मेला उमड़ पड़ता है और आज भी महाशिवरात्रि के अवसर पर यह दृश्य देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के साथ ही साथ अन्य प्रांतों से भी भक्तगण यहां पहुंच रहे हैं।

यहां पर हर साल आने पैदल आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भांति छत्तीसगढ़ में इसे अर्धनारीश्वर शिवलिंग होने की मान्यता प्राप्त है। सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि इस शिवलिंग का आकार लगातार हर साल बढ़ रहा है। यहां पर हर साल आने पैदल आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। छत्तीसगढ़ी भाषा में हुकारने की आवाज को भकुर्रा कहते हैं, इसी से छत्तीसगढ़ी में इनका नाम भकुर्रा पड़ा है।

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