ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

30 साल बाद रुसी नौसेना के उत्तरी बेड़ा परमाणु हथियारों के साथ समुद्र में गया 

मॉस्को । रूस और यूक्रेन जंग को एक साल पूरे होने वाले हैं। इस बीच डराने वाली खबर आई है। एक रिपोर्ट में कहा कि रूसी नौसेना के उत्तरी बेड़े में युद्धपोतों को टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों से लैस किया गया है। खुफिया एजेंसी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में जहाजों पर हथियारों की मौजूदगी के बारे में बताया है। माना जा रहा है कि 30 साल में यह पहली बार है जब बेड़ा परमाणु हथियारों के साथ समुद्र में गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इन परमाणु हथियारों का एक बड़ा हिस्सा उत्तरी बेड़े की पनडुब्बियों और जहाजों पर तैनात है।
रिपोर्ट में टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों को नाटो देशों के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा रूस के पास पनडुब्बी, सैटेलाइट को तबाह करने वाले हथियार और साइबर उपकरण हैं, जो नॉर्वे और नाटो को धमकी देने के लिए काफी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कोल्ड वॉर के दौरान सोवियत संघ के उत्तरी बेड़े का युद्धपोत अक्सर परमाणु हथियारों से लैस होकर समुद्र में जाता था। लेकिन यह पहली बार है जब रूसी संघ ने परमाणु हथियारों के साथ जहाजों को तैनात किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की सैनिक क्षमता कमजोर है, इसलिए उसके लिए परमाणु हथियारों का महत्व काफी बढ़ गया है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि आने वाले वर्षों में रूस नए परमाणु हथियारों को बनाना जारी रखेगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन युद्ध की शुरुआत के बाद से ही परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात से परहेज करते रहे हैं। लेकिन रूस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नेताओं ने हाल के हफ्तों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना जाहिर की है। पुतिन के खास और रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने हाल ही में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना जाहिर की हैं। मेदवेदेव ने कहा कि अगर एक परमाणु संपन्न देश हारता है, तब यह न्यूक्लियर युद्ध की संभावना बढ़ा सकता है। नार्वे की खुफिया रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अनपेक्षित घटनाओं के कारण नाटो सीधे यूक्रेन युद्ध में शामिल हो सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.