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विधानसभा में हंगामे के बाद 4 खालिस्तान समर्थक गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खालिस्तान व अमृतपाल के समर्थन में नारेबाजी को लेकर गुरुवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा ने आरोप लगाया कि यहां खालिस्तान के समर्थन में रैली निकाली जा रही है। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखे लहजे में कहा कि देशविरोधी तत्वों को छत्तीसगढ़ में प्रश्रय नहीं दिया जाएगा। रैली में किसी ने देशविरोधी नारा लगाया है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।सदन में मुद्दा उठने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने रैली में शामिल रहे चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा विधायकों ने गुरुवार को शून्यकाल में उक्त मामला उठाया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए खतरे की घंटी है। धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार के सभी तंत्र फेल हो गए हैं। किसी सूत्र को नहीं पता की खालिस्तान के समर्थन में रैली निकाली जा रही।

बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि खुलेआम देशविरोधी नारे लगाए गए और इंटेलिजेंस के पास कोई सूचना नहीं है।यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खालिस्तानी भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की सोचते हैं, जिस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसका उत्तर देते हुए मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि देशविरोधी गतिविधियों में संलग्न किसी व्यक्ति को छत्तीसगढ़ में सिर उठाने नहीं दिया जाएगा। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चर्चा की है। इसकी सतत निगरानी की जा रही है।

भूपेश मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गुरद्वारा से 30-35 लोग बिना सूचना दिए नारा लगाते हुए निकले थे। सिख समाज के बलिदान व देशभक्ति को नहीं भुलाया जा सकता है, लेकिन जिस तरह से कुछ लोग नारा लगाते हुए निकले, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस को सभी वीडियो खंगालने का निर्देश दिया गया है। रैली में किसी भी व्यक्ति ने एक भी देशविरोधी नारा लगाया है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खालिस्तान के समर्थन में एक जुलूस पंजाब और दूसरा छत्तीसगढ़ में निकला है। इससे पूरे देश में राज्य की बदनामी हुई है। इसलिए मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य को प्रस्ताव माना जाए।

 

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