ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

मानसून को लेकर IMD का नया अपडेट, जाने इस बार कितनी होगी बारिश

मौसम विभाग ने आज एक बार फिर देश में मानसून को लेकर नया अपडेट जारी किया है। IMD का अपडेट आम लोगों और किसानों के लिए खुशखबरी लाया है। विभाग के अनुसार, इस बार सामान्य मानसून रहने की उम्मीद है और अल नीनो की स्थिति के बावजूद इसका असर मानसून पर ज्यादा नहीं पड़ेगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इस साल सामान्य मानसून की उम्मीद है। महापात्र ने कहा कि अल नीनो की स्थिति मानसून के मौसम के दौरान विकसित होने की संभावना है और इसका प्रभाव दूसरी छमाही में महसूस किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि सभी एल नीनो साल खराब मानसून वाले साल नहीं होते हैं। इसलिए इस बार भी मॉनसून के साथ अल-नीनो का सीधा संबंध नहीं होगा और सामान्य बारिश होगी।

96 फीसदी रहेगा मानसून

मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर तक) के दौरान सामान्य बारिश देखने को मिलेगी। मानसून इस बार 96 फीसदी (5 फीसदी की त्रुटि मार्जिन के साथ) रहेगा और देश में इस बार 87 सेमी की लंबी अवधि बारिश होगी।

अल नीनो क्या होता है?

अल नीनो दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर के पानी का गर्म होना होता है। यह मानसूनी हवाओं के कमजोर होने का कारण बनता है और भारत में कम वर्षा से जुड़ा होता है। इससे समंदर का तापमान 5 डिग्री तक बढ़ जाता है और यह दुनिया के मौसम पर असर डालता है।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.