ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

ऑपरेशन के बाद सीमा अब अपना हाथ सीधा कर पाएगी, ‘चिरायु’ से डीकेएस अस्पताल में हुई निःशुल्क सर्जरी

रायपुर :  जन्म से ही कॉंट्रेक्चर ऑफ राइट एल्बो की समस्या से जूझ रही सीमा अब सामान्य बच्चों की तरह अपना हाथ पूरी तरह सीधा कर पाएगी। रायपुर में डीकेएस सुपरस्पेशियालिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके हाथ में एल्बो सॉफ्ट टिसू रिलीज सर्जरी की है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु योजना से हुई इस निःशुल्क सर्जरी ने सीमा का जीवन खुशियों और उमंग से भर दिया है। सारंगढ़ के चिरायु दल की पहल और डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों की मेहनत से उसे मुड़ी हुई कोहनी की समस्या से मुक्ति मिल गई है।

नवगठित सांरगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिरायु टीम जब स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्राथमिक शाला झिलगिटार पहुंची, तब टीम वहां पढ़ने वाली दस साल की सीमा की समस्या से रू-ब-रू हुई। उसकी दाएं हाथ की कोहनी जन्म से ही 90 डिग्री के एंगल से मुड़ी हुई थी जिसे वह सीधा नहीं कर पाती थी। मेडिकल भाषा में इसे कॉंट्रेक्चर ऑफ राइट एल्बो या डिस्टल ऑर्थोग्रैपोसिस ऑफ राइट एल्बो कहा जाता है। चिरायु दल ने सीमा के परिजनों का मनोबल बढ़ाकर मार्गदर्शन किया और इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशियालिटी अस्पताल रिफर किया।

डीकेएस अस्पताल में भर्ती होने के बाद इस साल 16 फरवरी को पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिशियन डॉ. रमन श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सीमा की पहली बार सर्जरी/कास्टिंग की गई। कुछ दिनों बाद कास्टिंग ओपन कर सॉफ्टनेस देखा गया। ऑपरेशन के पहले छह बार बुलाकर कास्टिंग की गई। इसके दो माह बाद विगत 11 अप्रैल और 15 अप्रैल को डीकेएस अस्पताल के पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक विभाग में एल्बो सॉफ्ट टिसू रिलीज सर्जरी पूरी की गई।

आमतौर पर निजी अस्पतालों में इस तरह के ऑपरेशन पर बड़ी राशि खर्च हो जाती है। सीमा के हाथ का ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिरायु योजना के माध्यम से पूर्णतः निःशुल्क हुआ है। इस ऑपरेशन के बाद अब वह सामान्य बच्चों की तरह अपने हाथ को पूरी तरह से सीधा कर पाएगी। सीमा के परिजनों ने चिरायु योजना से ऑपरेशन के लिए राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम को धन्यवाद देते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.