ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

फिल्म आदिपुरुष के विवाद में काठमांडू में सोमवार से सभी भारतीय फिल्मों पर बैन

एकर तरफ भारत में ओम राउत की फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर विवाद और विरोध का दौर जारी है, तो दूसरी तरफ नेपाल में भी इसका विरोध शुरु हो गया है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने काठमांडू में सोमवार से सभी भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है। दरअसल बालेन शाह ने तीन दिन पहले ही ‘आदिपुरुष’ को बैन करने की मांग की थी। इस कई जगह फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए। अब काठमांडू महानगर पालिका ने फैसला लिया है कि वह सोमवार से ‘आदिपुरुष’ ही नहीं बल्कि कोई भी हिंदी फिल्म नहीं चलाएंगे।

जानिए क्या है विवाद

दरअसल जब से ये फिल्म रिलीज हुई है, तभी से नेपाल में इसका विरोध हो रहा है। दरअसल फिल्म में सीता का जन्म स्थान भारत बताया गया है। जबकि नेपाल सरकार और लोगों का मानना है कि सीता जी का जन्म नेपाल के तराई वाले क्षेत्र जनकपुर में हुआ था। इस विषय को लेकर पहले भी दोनों देश के बीच विवाद रहा है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर ‘आदिपुरुष’ को लेकर एक पोस्ट किया और इसमें सुधार के लिए तीन दिनों का समय दिया था। तीन दिन बीत जाने के बाद उन्होंने इस पर बैन का फैसला लिया है।

सभी भारतीय फिल्मों पर बैन

इस फिल्मी विवाद को अब भारत-नेपाल संबंधों से जोड़ दिया गया है। इसी के तहत सभी भारतीय फिल्मों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि नेपाल में शुरू से ही भारतीय फिल्मों को खूब प्यार मिलता रहा है। लेकिन फिलहाल काठमांडू के 17 फिल्म हॉल ने भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग से मना कर दिया है। ऐसे में इस विवाद का दूसरी फिल्मों को भी नुकसान हो रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.