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अनियमितता रोकने के लिए स्टाम्प वेंडरों के दस्तावेज की पंजीयन विभाग कर रहा जांच

इंदौर। इंदौर जिले में स्टाम्प विक्रेताओं की अनियमितताओं और गड़बड़ियों को रोकने के लिए रिकॉर्ड की जांच की जा रही हैं। रोजाना 20 वेंडरों को बुलाया जा रहा हैं। इसमें स्टाम्प विक्रय रजिस्टर, स्टॉक पंजी जमा करने की पावती, फिजिकल रूप से स्टाम्प का सत्यापन किया जा रहा हैं। उपस्थित नहीं होने और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

जिले में कार्यरत सभी 273 स्टाम्प विक्रेताओं के रिकार्ड की जांच की जा रही हैं। वेंडरों को अपने समस्त रिकॉर्ड लेकर वरिष्ठ जिला पंजीयक कार्यालय मोती तबेला में दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे के मध्य उन्हें आवंटित तिथि पर बुलाया जा रहा हैं। इस दौरान उनके स्टाम्प विक्रय पंजी वर्ष 2023-24, स्टाम्प स्टॉक रजिस्टर वर्ष 2023-24, मूल लाइसेंस, विक्रय के लिए शेष बचे सभी स्टाम्प की मूल प्रति तथा वर्ष 2022-23 के स्टाम्प का विक्रय रजिस्टर एवं स्टॉक पंजी जमा करने की पावती लेकर बुलाया जा रहा हैं।

स्टाम्प विक्रेता के उपस्थित नहीं होने पर उनकी स्टाम्प वेंडर अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने बताया कि स्टाम्प विक्रेताओं की अनियमितताओं और गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक बार पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

जिला कोषालय से भी मंगाई जानकारी

पंजीयन विभाग ने जिला कोषालय से भी जानकारी मंगाई गई है, कि इस वित्तीय वर्ष में किन-किन स्टाम्प विक्रेताओं को किन-किन नंबर के और सीरिज के स्टाम्प जारी किए गए थे। इसके अनुसार जांच की जाएगी। इसमें कितने स्टाम्प बेचे हैं और सीरीज के हैं या नहीं इसकी जांच होगी। इसके अलावा स्टाम्प की भौतिक उपलब्ध, सभी स्टाम्प की स्टॉक रजिस्टर में और स्टाम्प विक्रेता रजिस्टर में इंट्री की जांच होगी।

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