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नाइट कल्चर पर बोली मंत्री उषा ठाकुर- रात दस बजे बाद मार-मार कर घर पहुंचा दो

इंदौर। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर में रात्रिकालीन बाजार खुले रखने का निर्णय लिया था। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तो नाइट कल्चर के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। अब पर्यटन व संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने भी नाइट कल्चर पर आपत्ति जता दी है। शनिवार को मंत्री उषा ठाकुर ने बयान दिया कि रात दस बजे बाद जो भी सड़क पर दिखे उसे मार-मार कर घर पहुंचाना चाहिए।

मंत्री ठाकुर ने कहा कि इंदौर देवी अहिल्या की नगरी है, जो संस्कृति और अध्यात्म के लिए पहचानी जाती हैं। बच्चे जिस प्रकार से सारी सीमाओं का उल्लंघन कर रहे हैं, यह उनके जीवन के साथ समाज और अभिभावकों के लिए भी दु:खदायी है। हमें इस तरह के नाइट कल्चर से मुक्ति पाना है। यह मैकाले की शिक्षा पद्धति का दुष्प्रभाव है, ऐसे में बच्चे एकदम संत और साध्वी तो नहीं बन सके, लेकिन उन्हें रात दस बजे बाद मार-मार कर घर पहुंचाना जरूरी है।

महापौर ने भी जताई थी आपत्ति

मंत्री उषा ठाकुर के नाइट कल्चर पर आपत्ति लेने के पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सरकार ने लिया था यह निर्णय

मुख्यमंत्री ने इंदौर में रात्रिकालीन बाजार खुले रखने की अनुमति दी थी। वहीं सरकार ने रात साढ़े ग्यारह बजे तक तो पब और शराब दुकानों को भी खुला रखने का निर्णय लिया था।

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