ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

Chandrayaan-3: चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने ली विक्रम लैंडर की तस्वीर, इसरो ने जारी किया फोटो

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भेजा गया चंद्रयान-3 लगातार नई तस्वीरें भेज रहा है। हाल ही में एक और तस्वीर इसरो को मिली है, लेकिन इस बार यह चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर द्वारा भेजी गई है। इस तस्वीर को चंद्रयान-3 के डुअल-फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक एपर्चर रडार ने लिया है।

इसरो ने यह नई तस्वीर सोशल मीडिया साइट्स एक्स पर जारी की है। इसमें बताया गया है कि यह फोटो विक्रम लैंडर की है। इसे चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में डुअल-फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक एपर्चर रडार ने 6 सितंबर 2023 को लिया है।

ये सिंथेटिक एपर्चर रडार

चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगा हुआ सिंथेटिक एपर्चर रडार किसी ग्रह की सतह और उपसतह की जानकारी निकालता है, जिसमें चंद्रमा के ऊपर रहते तो इसकी सतह की जांच करने के लिए शक्तिशाली सेंसर लगे हैं। यह रडार चंद्रमा की सतह पर रखी हर चीज को स्कैन कर लेता है। इसकी खासियत यह है कि फोटो लेने के लिए इसे सूर्य की रोशनी की कोई जरूरत नहीं होती।

14 जुलाई को लांच हुआ था चंद्रयान-3

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लांच किया था। चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर साफ्ट लैंडिंग की थी। इसके बाद भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.