ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

आज जेल से छूटेगा निठारी कांड का आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर

नोएडा:  निठारी हत्याकांड के आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल से रिहा किया जा सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को 65 वर्षीय पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को 2006 के सनसनीखेज मामले में यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष “संदेह से परे” अपराध साबित करने में विफल रहा और इससे जांच में “गड़बड़” हुई। लुक्सर जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने  बताया, ”आज हमें अदालत से दूसरा आदेश (पंढेर की रिहाई से संबंधित) प्राप्त हुआ है। उचित औपचारिकताओं के बाद दोपहर तक उसे रिहा कर दिया जाएगा।”

मुख्य आरोपी कोली अभी भी गाजियाबाद के डासना जेल में बंद है। वह 14 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटेगा। निठारी का सनसनीखेज मामला उस समय प्रकाश में आया था जब 29 दिसंबर, 2006 को राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के निठारी में पंढेर के मकान के पीछे ड्रेन में आठ बच्चों के कंकाल पाए गए। कोली पंढेर का नौकर था। पंढेर के मकान के आसपास के क्षेत्र में ड्रेन में तलाशी के बाद और कंकाल पाए गए। इनमें से ज्यादातर कंकाल गरीब बच्चों और युवतियों के थे जो उस इलाके से लापता थे। दस दिनों के भीतर सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और उसे खोज के दौरान और अस्थियां मिली थीं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.