ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

हवाओं का रुख बदलने से रात में सिहरन, दिन में गर्मी बरकरार

भोपाल। हवाओं का रुख बार-बार बदलने से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव होने लगा है। उधर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात में प्रदेश में सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ भी कम तीव्रता वाले आ रहे हैं। इस वजह से मौसम के मिजाज पर विशेष प्रभाव नहीं हो रहा है। वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी, पूर्वी एवं उत्तर-दक्षिणी हो रहा है। इस वजह से नमी आने के कारण बीच-बीच में बादल भी आ जाते हैं।

हवाओं की रफ्तार भी काफी मंद बनी हुई है। रात के समय उत्तरी हवाएं चलने के कारण सिहरन बनी हुई है। उधर दिन के समय पूर्वी एवं दक्षिणी हवाएं चलने से दिन का तापमान बढ़ा हुआ है। इस वजह से दिन व रात के तापमान के बीच काफी अंतर भी बना हुआ है। अभी इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के पास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में मौजूद है। दोनों पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हैं। इस वजह से इनका मौसम पर विशेष असर नहीं हो रहा है। हवाओं का रुख बार-बार बदलता रहने से तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव हो रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.